बिलासपुर /कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने बच्चों की चिंता बढ़ा दी है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अब जल्द ही बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू होने की सुगबुगाहट चल रही है। इससे पहले ही स्वास्थ्य विभाग बच्चों की जानकारी जुटा रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग के सहयोग से 12 से 17 साल के स्कूली बच्चों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और एड्रेस मांगा गया है।
विदेशों से आने वालों की सघन निगरानी रखने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को एक और नई जिम्मेदारी मिल गई है। कोरोना वायरस का नया वैरिएंट बच्चों के लिए खतरनाक माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि बच्चों के लिए अभी तक टीकाकरण नहीं हो सका है। ऐसे में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। बताया जा रहा है कि नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तीसरी लहर के रूप में सामने आएगा। लिहाजा, केंद्र सरकार की ओर से बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू करने की तैयारी करने की चर्चा है।
स्वास्थ्य विभाग को जिला स्तर पर 12 से 17 साल के बच्चों की जानकारी जुटाने कहा गया है। इसमें उनके आधार कार्ड से लेकर मोबाइल नंबर और एड्रेस के साथ ही स्कूल की जानकारी एकत्र करने कहा गया है।स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में जाकर टीकाकरण करेगी। बच्चों के लिए बड़ों की तरह टीकाकरण केंद्र नहीं बनाया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अफसरों ने बताया कि उन्हें बच्चों की स्कूलवार जानकारी एकत्रित करने कहा गया है।

शिक्षा विभाग से जुटाई जाएगी जानकारी
टीकाकरण अधिकारी मनोज सेमुअल ने बताया कि जिले के स्कूलों से 12 से 17 साल के बच्चों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बच्चों के लिए भी शीघ्र टीकाकरण शुरू हो सकता है। बच्चों के टीके का ट्रायल अंतिम चरण में है, तो हो सकता है कि आने वाले समय में टीकाकरण शुरू हो। इससे पहले ही आंकड़ा जुटाने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि जिले में ऐसे बच्चों की संख्या 2 से ढाई लाख हो सकती है।

Previous articleकार्रवाई:चिंतलनार से 1 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार
Next articleभिलाई: भाजपा के दो प्रत्याशी मैदान छोड़ कर भागे, उधर भाजपा प्रत्याशी की बहन करेंगी कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार