चंडीगढ़ ईसीएचएस घोटाला: ट्राईसिटी के हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर खेल, एक ही मरीज 4-4 अस्पतालों में भर्ती, एक्शन में सीबीआई

चंडीगढ़, 0६ मार्च ।
इलाज के नाम पर हुए ईसीएचएस घोटाले में दिन प्रतिदिन नए खुलासे सामने आ रहे है। सीबीआई इस मामले की पड़ताल कर रही है। सीबीआई के पास पहुंची शिकायत में साने आया है कि इलाज के नाम पर एक ही मरीज को ट्राइसिटी के विभिन्न अस्पतालों में बार-बार एडमिट किया जाता रहा। एक दो नहीं कई ऐसे मरीज है, जो कभी धर्म हॉस्पिटल तो कभी केयर और कभी किसी अन्य हॉस्पिटल में एडमिट दिखाए गए। कई ऐसे मामलों की भी शिकायत है, जहां पति-पत्नी एक साथ हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती दिखाए गए। एक हॉस्पिटल से छुट्टी कई बाद उन्हें कुछ समय बाद दूसरे हॉस्पिटल में एडमिट दिखा दिया जाता। इन मरीजों का एडमिशन, टेस्ट और दवा का लाखों का बिल वसूला गया। सीबीआई इस मामले में मंथन हेल्थ केयर की भूमिका की गंभीरता से जांच कर रही है। सीबीआई को मिली शिकायत में मंथन हेल्थ केयर के संचालकों की ही इस फर्जीवाड़े का केंद्र बिंदु बताया गया है। मरीजों को लाने उन्हें अस्पतालों में एडमिट करने तथा उनकी लैब रिपोर्ट तैयार करने का काम भी सेक्टर 38 वेस्ट में हो रहा था। सीबीआई इस मामले में मंथन हेल्थ केयर के संचालकों से कड़ाई से पूछताछ करेगी। मरीजों के रिकॉर्ड को क्लेम के लिए अपलोड करने का काम भी मंथन हेल्थ केयर के संचालक कर रहे थे। इसीलिए सेक्टर 38 स्थित सेंटर में फर्जी लैब रिपोर्ट, डॉक्टरों के डिजिटल सिग्नेचर और अस्पतालों का रिकॉर्ड मिला है। सीबीआई पहले चरण में मरीजों की लैब रिपोर्ट और उनके इलाज की जांच करेगी।
यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि मरीजों को वह बीमारी थी ही नहीं जिसके लिए उन्हें एडमिट किया गया। मरीजों से भी इस बाबत पूछताछ हो सकती है। ईसीएचएस घोटाले का यह जाल पूरे ट्राइसिटी में फैला हुआ था। ट्राइसिटी के कई बड़े अस्पताल जांच के दायरे में आ रहे है। उन सभी डॉक्टरों से भी पूछताछ होगी जिनके मेडिकल रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर है। सीबीआई के एक बड़े अधिकारी के अनुसार इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रहे है।

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