अवैध तरीके से कराया जा रहा था बाल विवाह, फिर रोकना पड़ा

जांजगीर। बाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उस समय सामने आया, जब बारगांव (पामगढ़) में नाबालिग किशोरी के विवाह की सूचना पर प्रशासन की टीम ने कार्रवाई कर बाल विवाह को रोक दिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। टीम ने बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र 17 वर्ष 6 माह 24 दिन पाई गई, जो विवाह की कानूनी आयु सीमा से कम थी।
इस पर टीम ने बालिका, माता-पिता और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, स्वास्थ्य जोखिम, सामाजिक प्रभाव व बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी इस के बाद ग्रामीणों की उपस्थिति में माता-पिता ने खुद ही विवाह रोकने पर सहमति दी। इसके बाद उनसे घोषणा पत्र व राजीनामा पत्र में हस्ताक्षर भी करवाए गए, जिससे भविष्य में बाल विवाह की कोई संभावना न रहे। कार्रवाई के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन जांजगीर-चांपा की टीम भी साथ रही। इनमें समन्वयक विष्णु श्रीवास, परामर्शदाता अल्का फॉक, सुपरवाइजर भूपेश कश्यप, सेक्टर सुपरवाइजर मनीषा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महेन्द्र कुमारी दिनकर, ग्राम सरपंच कुमारी बाई नट, पंचायत सचिव दुलीचंद साहू और कोटवार राजेश दास महंत मौजूद रहे।

 

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