
नईदिल्ली: सतही कोयला गैसीकरण मार्ग के माध्यम से कोयला से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस या सिनगैस संयंत्र स्थापित करने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने गेल (इंडिया) के साथ एक सयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने सोमवार को एक्स पर अपनी पोस्ट पर कहा “हमने सतही कोयला गैसीकरण (एससीजी) प्रौद्योगिकी मार्ग के माध्यम से कोयला से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस संयंत्र स्थापित करने के लिए गेल के साथ एक संयुक्त उद्यम समझौते (जेवी) पर हस्ताक्षर किए हैं।” CIL ने कहा यह सहयोग राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम है। जो कोयले के रासायनिक गुणों को सुगम बनाता है । यह कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का दूसरा कोयला गैसीकरण संयत्र होगा। इसके पहले फरवरी 2024 में,कोल इंडिया ने सतही कोयला गैसीकरण(एससीजी) प्रोधोगिकी मार्ग के माध्यम से भारत का पहला वाणिज्यिक पैमाने का अमोनियम नाइट्रेट संयत्र स्थापित करने के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के साथ संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ओडिशा में परियोजना स्थापित करने के लिए भारत कोल गैसीकरण और रसायन लिमिटेड ( BCGCL ) नामक एक संयुक्त उद्यम कंपनी भी बनाई गई है।
CIL का दूसरा कोयला गैसीकरण संयत्र रानीगंज में बनेगा
कोल इंडिया की सहायक कंपनी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में बनने वाला यह प्लांट 80000 Nm3/hr सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (SNG) का उत्पादन करेगा। वार्षिक उत्पादन 633.6 मिलियन Nm3 निर्धारित है, जिसके लिए 1.9 मिलियन टन कोयले की आवश्यकता होगी, जिसकी आपूर्ति वे करेंगे।
सिंथेटिक प्राकृतिक गैस (एसएनजी) एक ईंधन गैस है जिसमें मुख्य रूप से मीथेन, सीएच4 होता है जो विभिन्न रसायनों और उर्वरकों के उत्पादन के लिए एक फीडस्टॉक है। कोल इंडिया के निदेशक (व्यापार विकास) देबाशीष नंदा, गेल के निदेशक (व्यापार विकास) आरके सिंघल ने क्रमशः कोल इंडिया और गेल की ओर से समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन, अतिरिक्त कोयला सचिव एम नागराजू, अतिरिक्त कोयला सचिव रूपिंदर बरार और गेल के सीएमडी एसके गुप्ता सीएमडी गेल उपस्थित थे।




















