
जांजगीर चांपा। सिटी बस की सेवा जिले में चरमरा गई है। कोरोना काल से बंद हुई सिटी बस अब तक सडक़ पर नहीं उत्तर सकी है। सस्ती और सुगम यातायात की व्यवस्था करते हुए राज्य शासन ने 10 साल पहले सिटी बस सेवा शुरू की थी। यहां 10 बसें आई थी, लेकिन बसें अब जहां तहां पड़े कबाड़ में तब्दील हो रही है। लोगों को आटो एवं निजी बसों में अधिक किराया चुकाकर सफर करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय जांजगीर से नवंबर 2015 में सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया गया था। यहां 10 बसें आई थी और सभी बसों का परमिट कार्यालय सचिव क्षेत्रिय परिवहन पदाधिकारी द्वारा जारी किया गया था। इनमें से सिर्फ पांच बसों का संचालन हुआ। ऐसे में जिलेवासियों को सभी सिटी बसों का लाभ नहीं मिला। जिन मागों पर दो-दो बसें चलनी थी उन मागों पर एक-एक बस ही चलाया गया। इसके बाद रही सही कसर कोरोना काल ने निकाल दी। कोरोनाकाल के समय जो सिटी बस सेवा बंद हुई, वह आज तक गाडिय़ां जहांतहां खड़ी कबाड़ हो रही है। इन चों के पहिये इंजन और बैटरी गायब हो चुके हैं, शीशे टूट चुके हैं। इधर लोगों को नैला रेलवे स्टेशन, चांपा, कलेक्टोरेट जिला पंचायत, जिला अस्पताल के अलावा अकलतरा, बलौदा बाराद्वार क्षेत्र में सफर करने के लिए निजी बसों अथवा निजी आटो और चारपहिया वाहनों का सहारा लेना लिया पड़ रहा है। जिला मुख्यालय जांजगीर सहित अन्य नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लंबे समय से सिटी बस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है वर्ष 2022 के बाद से सिटी बस सेवा बंद हो गई है। जिसके चलते जांजगीर चांपा अकलतरा, शिवरीनारायण, बलौदा सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।













