
पटना, १० मार्च ।
राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों के चालू करने के साथ ही 25 नई चीनी मिल लगाने एवं गन्ने की पैदावार बढ़ाने को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शीघ्र ही उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव पालिसी-2026 लाने की घोषणा की।गांधी मैदान के पास स्थित ज्ञान भवन में सोमवार को शुरू हुए दो दिवसीय गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार में सम्राट ने कहा कि जो लोग मजदूरी करने के लिए बाहर जाते हैं उन्हें पांच वर्ष के अंदर चिह्नित कर बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है। इस पर कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं।उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना किसानों से अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकी के साथ पुरानी पद्धति की ओर लौटना है तभी हम अच्छी खेती कर पाएंगे। खेती के पुरानी पद्धति में कैसे लौटे इसपर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, औषधि और किसानों को होने वाली चुनौती का समाधान कराने पर बल दिया। सेमिनार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आजादी के समय हमारा बिहार गन्ना के क्षेत्र में काफी आगे था, लेकिन इसे गर्त में पहुंचा दिया गया। अब डबल इंजन की सरकार विकास को गति देने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार अब तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। नीयत साफ होगी तो सफलता जरूर मिलेगी। वर्षों की बीमारी को दूर करने के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे तो बिहार आगे बढक़र रहेगा। खोई हुई विरासत को पाने के लिए सरकार तेजी से कार्य कर रही है।उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार का इतिहास गवाह है कि हम चीनी उत्पादन में देश के अग्रणी राज्य में थे। राज्य में गन्ने की खेती को बेहतर बनाने की दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
गन्ना केवल चीनी ही नहीं बल्कि इंधन बनाने का कार्य करेगा।गन्ने की खेती में जलजमाव एक समस्या है। कीटों के प्रकोप से गन्ना को बचाने और किसानों को भुगतान पर भी सरकार तत्पर है। उन्होंने कहा कि गन्ना उद्योग विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। आने वाले समय में यह विभाग आर्थिक गाथा लिखने वाला है। उन्होंने किसानों से बेहतर करने के साथ ही गन्ना की पैदावार बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि गन्ना किसानों के हितों के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। गन्ना किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। राज्य के 66 हजार एकड़ जमीन को जल जमाव से मुक्ति के लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि उद्योग स्थापित कराना और अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सात निश्चय-3 के अंतर्गत उद्योग के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। देश के समक्ष बिहार अग्रणी राज्य बनेगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर सचिव के सेंथिल कुमार ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों के लिए यह सेमिनार आयोजित किए गए हैं ताकि किसानों को लाभ हो सके। इसमें देश के जाने-माने वैज्ञानिक अच्छी खेती और अधिक पैदार के बारे में जानकारी देंगे। धन्यवाद ज्ञापन ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने किया।


























