
कोरबा/बिलासपुर। बिलासपुर के आऊटर पर कोरबा से जा रही पैसेंजर ट्रेन और मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में 6 यात्रियों की मौत की खबर सामने आई है। घटना में अनेक यात्री घायल हुए हैं। मौके पर रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी पहुंच चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रेलवे प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू टीम और मेडिकल यूनिट को मौके पर भेजा है। स्थानीय प्रशासन भी सहायता के लिए पहुंच चुका है। हादसे के कारण पूरे रूट पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। कई ट्रेनों को रद्द या रूट डायवर्ट कर दिया गया। दूसरी ओर रेलवे की ओर से यात्री व उनके परिजन के लिए जिलावार हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। कोरबा समेत सभी जिलों के लोग अपने करीबियों की जानकारी लेने के लिए उक्त हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
रेलवे ने किया मुआवजे का एलान
इस हादसे के बाद रेलवे ने पीड़ितों के लिए मुआवजे का एलान किया है। रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि रेल मंत्री जी द्वारा घटना में प्रभावित व्यक्तियों के लिए निम्न अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है। मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹5 लाख तथा सामान्य रूप से घायल यात्रियों को ₹1 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी

बिलासपुर के पास ट्रेन दुर्घटना का समाचार अत्यंत दु:खद: CM साय

बिलासपुर। बिलासपुर के पास हुई दर्दनाक ट्रेन दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह समाचार अत्यंत दु:खद और हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री ने हादसे की जानकारी मिलते ही बिलासपुर जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट ली और सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ की टीम और जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ मौके पर जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न हो तथा सभी आवश्यक चिकित्सा संसाधन और दवाइयाँ तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता फिलहाल राहत और बचाव कार्य है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों के बेहतर उपचार के लिए आवश्यक होने पर उन्हें रायपुर और अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर करने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हादसे की पूरी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने रेल प्रशासन से भी आग्रह किया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।





















