CMHO डॉ. एस.एन.केशरी का एक्शन मोड: करतला स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण, लापरवाही बरतने वालों को दी सख्त हिदायत

कोरबा छत्तीसगढ़। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. एस.एन.केशरी लगातार मैदानी मोर्चे पर डटे हुए हैं। इसी कड़ी में डॉ. केशरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) करतला का सघन निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान हर विभाग की हुई सूक्ष्म जांच

डॉ. केशरी ने अस्पताल के चप्पे-चप्पे का अवलोकन किया। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर, ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, लेबर रूम, ओटी, दवा भंडार, इंटीग्रेटेड लैब और ब्लड स्टोरेज यूनिट सहित सभी महत्वपूर्ण कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए मुख्य द्वार पर पायदान लगाने और आईपीडी के बेडशीट की सफाई के लिए विशेष जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

डॉ. केशरी के प्रमुख निर्देश: सेवा में कोताही बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के दौरान CMHO ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

▪️आभा आईडी (Abha ID): ओपीडी में आने वाले हर मरीज की आभा आईडी सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान मित्र और मितानिन हेल्पडेस्क को सक्रिय करने को कहा।

▪️गर्भवती महिलाओं की देखभाल: सभी ‘प्रायमी पारा’ (पहली बार मां बनने वाली) महिलाओं को हाई रिस्क ग्रुप में रखकर उनकी विशेष जांच और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

▪️तकनीकी सतर्कता: शीत श्रृंखला (Cold Chain) में फ्रीजर के तापमान की निरंतर मॉनिटरिंग और ओटी में विसंक्रमण (Sterilization) पर विशेष ध्यान देने को कहा।

▪️दवाइयों की उपलब्धता: खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि केंद्रों में सभी आवश्यक दवाइयों का स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे।

मुख्यालय में रहना अनिवार्य, समय पर आएं कर्मचारी

डॉ. एस.एन.केशरी ने सख्त लहजे में कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और अनिवार्य रूप से मुख्यालय में ही निवास करें। उन्होंने जीवनदीप समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और आरबीएसके (RBSK) वाहनों का रिकॉर्ड अपडेट रखने के भी निर्देश दिए।

“हमारा लक्ष्य है कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”— डॉ. एस.एन.केशरी, CMHO, कोरबा

RO No. 13467/10