अंतिम यात्रा में बाधा डालती कोयला परिवहन गाडिय़ां

कोरिया चरचा कालरी। नगर पालिका शिवपुर चर्चा क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और कोयला ठेकेदारों की मनमानी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अत्यंत महत्वपूर्ण मुक्तिधाम जाने वाला जाने वाला मार्ग, जहाँ लोग अपने प्रियजनों की अंतिम यात्रा लेकर पहुँचते हैं, वहाँ अब कोयला ठेकेदार परिवहन ठेकेदार की मनमानी चलती है और बड़े-बड़े कोयला ट्रकों की कतारें लगी रहती हैं।राष्ट्र्रीय राजमार्ग पर स्थित चर्चा थाने से मात्र 50 मीटर दूरी पर बना मुक्तिधाम जाने का रास्ता अब मानो ट्रक चालकों की पार्किंग में बदल चुका है। इस कारण शोकाकुल परिजनों को अपने स्वजनों की अंतिम यात्रा में बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चंद पैसों द्मद्गलालच में मानवीय संवेदनाएँ कहीं दब-सी गई हैं। प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दुख की घड़ी में मुक्तिधाम मार्ग में ट्रकों की दीवार बना कर रास्ता बाधित करना बेहद अमानवीय व बेहद शर्मनाक है।
नगर पालिका शिवपुर चर्चा के वार्ड क्रमांक एक स्थित सार्वजनिक मुक्तिधाम जाने हेतु विशेष रूप से बनाया गया मार्ग और पुलिया भी जर्जर अवस्था में है। इसका लगभग 150 मीटर का रास्ता केवल कोयला परिवहन ट्रकों के कब्जे में है। यह ट्रक चर्चा थाना के गेट से लगकर पूरे रास्ते में खड़ी रहती हैं इससे स्पष्ट है कि थाना प्रभारी तक की मौजूदगी में यह सब हो रहा है, जानबूझकर की जाने वाली इस गंभीर लापरवाही और मनमानी से स्पष्ट होता है कि प्रशासन की चुप्पी कहीं न कहीं मिलीभगत की ओर इशारा करती है। चर्चा थाना प्रभारी जो सुलझे और समझदार अधिकारी हैं उनका जानबूझकर चुप रहना अपने आप में सवालिया प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। गौरतलब है कि दो माह पूर्व चरचा प्रबंधन द्वारा कोयले का रोड सेल प्रारंभ किया गया जिसके तहत ठेका लेने वाले ठेकेदार,और परिवहनकर्ता ठेकेदार के द्वारा अपनी ट्रक टीपर आदि लगाकर कोयला ले जाना था इन ट्रकों को व्यवस्थित उचित स्थान पर खड़े करने की जिम्मेदारी चरचा कालरी प्रबंधन की है किंतु कॉलरी प्रबंधन को सिर्फ कोयला उत्पादन से मतलब है उसे मानवीय संवेदना से कोई भी लेना-देना नहीं है जो की बेहद शर्मनाक है पूरे संभाग में संभवत नगर पालिका शिवपुर चर्चा का मुक्तिधाम एकमात्र ऐसा मुक्तिधाम है जहां प्रशासनिक साठगांठ से ट्रक ठेकेदारों की मनमानी चल रही है आम जनता दुख की घड़ी में परेशान हो रही है जबकि संभाग के अन्य मुक्तिधामों को बेहद व्यवस्थित रखा गया है उन जगहों पर भी जिम्मेदार अधिकारी रहते हैं और सब कुछ व्यवस्थित रहता है। मुक्तिधाम जाने वाले मार्ग पर कोयला परिवहन करने वाली बड़ी-बड़ी गाडिय़ों के खड़े रहने की वजह से अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को मजबूरन अपनी गाडिय़ां हाईवे के किनारे खड़े करने को करनी पड़ती है क्योंकि उन्हें अंतिम संस्कार में जाना जरूरी रहता है हाईवे में गाडिय़ों के खड़े रहने की वजह से दुर्घटना की संभावना रहती है ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार के दुर्घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। चर्चा बचाओ मंच के पदाधिकारियों ने इस स्थिति की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि -अंत्येष्टि जैसी पवित्र यात्रा में व्यवधान डालना, असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है। यदि ट्रकों को तत्काल नहीं हटाया गया, तो मंचआंदोलन के लिए बाध्य होगा। नगर पालिका अधिकारी शिवपुर चर्चा के द्वारा भी पूर्व में ट्रैकों को हटाने के लिए कई बार निर्देश दिया गया था बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई,स्थिति जस की तस बनी हुई है। वशिष्ठ कुमार ओझा मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवपुर चर्चा ने कहा कि कलेक्टर कोरिया, महाप्रबंधक बैकुंठपुर क्षेत्र व जिला पुलिस प्रशासन को पत्र भेजकर इस गंभीर विषय से अवगत कराया जाएगा। मुक्तिधाम जैसा संवेदनशील स्थल जहाँ लोग अपने परिजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं, वहाँ कोयला ट्रकों की दीवार बनाना प्रशासन और ठेकेदार की असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।दु:ख के क्षणों में शांति और सम्मान की बजाय परेशानी देना, वास्तव में समाज और शासन दोनों के लिए शर्मनाक है।

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