
कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के तहसील कार्यालय में जारी किए जा रहे इस्तहारों में लगातार त्रुटियां पाए जाने से आम नागरिकों और किसानों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और प्रक्रियात्मक गलतियों के कारण लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ कुछ कर्मचारी जानबूझकर त्रुटिपूर्ण इस्तहार जारी करते हैं, जिससे सुधार के नाम पर लोगों को कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि मानसिक और आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
ताजा मामला बैकुंठपुर तहसील कार्यालय द्वारा जारी एक इस्तहार का है, जिसमें गंभीर प्रकार की गलतियां साफ तौर पर दिखाई देती हैं। इस्तहार में जारी दिनांक 21.11.2025 दर्ज है, जबकि न्यायालय में उपस्थिति हेतु निर्धारित तारीख 5.11.2025 दी गई है—जो कि जारी दिनांक से पहले की तारीख है। इस तरह की त्रुटि न केवल प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है, बल्कि इससे प्रभावित नागरिक को कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की गलतियां तहसील कार्यालय में आम बात हो गई हैं। कई नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ कुछ बाबू, जिनकी जिम्मेदारी सरकारी नियमों के अनुसार सही तरीके से इस्तहार तैयार कराना और उन्हें समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाना है, वे स्वयं ही प्रकाशन कार्य का ठेका अपने पास रखे हुए हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि इन कर्मचारियों द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशन के बदले अतिरिक्त धन की मांग की जाती है, जिससे किसानों और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि तहसील कार्यालय में नियमों का पालन कम और मनमानी ज्यादा होती है। भूमि संबंधी मामलों, नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रक्रियाओं के लिए आने वाले ग्रामीणों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है, फिर भी त्रुटियों और अधूरे दस्तावेजों के नाम पर उन्हें बार-बार लौटाया जाता है। कई मामलों में सुधार के नाम पर महीनों बीत जाते हैं। इससे लोगों में तहसील कार्यालय के प्रति अविश्वास पैदा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत-खलिहान और रोजमर्रा के कार्यों के बीच तहसील के चक्कर लगाना बेहद परेशानी भरा होता है। इसके बावजूद यदि बार-बार गलतियां की जाएं, तो यह जनता के अधिकारों का उल्लंघन है। कई नागरिकों ने मांग उठाई है कि तहसील कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी कहना है कि जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर सख्त निर्देश जारी करने चाहिए, जिससे इस्तहार और अन्य राजस्व दस्तावेज सही समय पर और त्रुटि रहित जारी किए जा सकें। यदि ऐसा नहीं होता है तो जनता की परेशानियां बढ़ती रहेंगी और तहसील कार्यालय पर से आम नागरिकों का विश्वास लगातार कम होता जाएगा।





















