एमएनएस और शिंदे गुट की तुलना गलत प्रियंका चतुर्वेदी ने डिप्टी सीएम पर कसा तंज

मुंबई १० जुलाई ।
राज्यसभा सांसद और शिवसेना) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक बड़ी बयान दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और उनके दल के पूर्व सांसद की कार्रवाई की तुलना शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ की हरकत से करने को गलत बताया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जनता द्वारा चुने गए नेताओं से ज्यादा जिम्मेदारी और समझदारी की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट के विधायक द्वारा कैंटीन कर्मचारी के साथ मारपीट करने की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, जो व्यक्ति कैंटीन कर्मचारी को पीट रहा है, वह महाराष्ट्र का चुना हुआ विधायक है। उसे जिम्मेदारी और परिपक्वता दिखानी चाहिए थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर मजाक किया था, तब उनके समर्थकों ने स्टूडियों को तोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले शिंदे गुट में बार-बार देखे जा रहे हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने रूहृस् कार्यकर्ताओं द्वारा एक दुकानदार पर हमला करने के मामले में कहा कि वह भाषा नहीं बल्कि असम्मान को लेकर था। इस मामले में कानून ने काम किया और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। जमानती धाराएं लगने के बाद वे जमानत पर छूटे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक संजय गायकवाड़ के खिलाफ कोई एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई और न ही उनके खिलाफ कोई बोल रहा है। प्रियंका ने कहा, मैं किसी को सही ठहराने की कोशिश नहीं कर रही हूं, सिर्फ फर्क समझा रही हूं। पूर्व सांसद राजन विचारे के ऑफिस में कथित तौर पर व्यापारियों को थप्पड़ मारने की घटना पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इसका भाषा से कोई लेना-देना नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामला एक शिवसेना कार्यकर्ता से जुड़ा था जिसे मोबाइल कनेक्शन मांगने पर पीटा गया। विचारे ने दोषियों को ऑफिस बुलाकर कारण पूछा, लेकिन स्थिति बिड़ गई।

RO No. 13467/10