
नईदिल्ली, १६ मार्च ।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के पिछले कांग्रेस शासन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने 15 वर्षों के शासन के दौरान राज्य के स्वास्थ्य बजट से सालाना 150 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। उन्होंने यह बात गुवाहाटी में 2,092 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने कांग्रेस काल के भ्रष्टाचार का विवरण देते हुए कहा, कांग्रेस ने केवल अपने नेताओं के परिवारों के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए काम किया। हर साल 150 करोड़ रुपये उन नौ लाख बच्चों के इलाज के नाम पर डकारे गए जो कभी पैदा ही नहीं हुए और उन 390 आंगनवाड़ी केंद्रों के नाम पर जो कभी बने ही नहीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 10 साल पहले असम की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है। चिकित्सा-शिक्षा में आत्मनिर्भर हुआ असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि असम अब चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों के बराबर खड़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि असम देश का एकमात्र राज्य है जहां सरकार कैंसर के इलाज के लिए प्रोटोन थेरेपी मशीन खरीद रही है, जो वर्तमान में केवल महंगे निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। शाह ने इस दौरान गुवाहाटी में नवनिर्मित प्रागज्योतिषपुर मेडिकल कालेज और गोलाघाट एवं तिनसुकिया में कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया। अमित शाह ने कांग्रेस पर असम को घुसपैठियों का स्वर्ग बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, हमने असम को घुसपैठ मुक्त बनाने का वादा किया था और हिमंता सरकार ने 1.51 लाख बीघा जमीन अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराई है। हमें तीसरा जनादेश दें, हम न केवल असम बल्कि पूरे देश से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे।
राहुल ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम किया कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने की आड़ में देश को बदनाम करने के उनके कृत्यों का कोई भी भारतीय समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि सदन के द्वार पर चाय-पकौड़ा खाकर राहुल ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम किया। उन्होंने एआई समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लोकतंत्र के मंदिर का अपमान बताया। शाह ने कहा, संसद लोकतंत्र का पवित्र स्थल है, इसकी सीढिय़ों का इस्तेमाल धरने या नाश्ते के लिए नहीं किया जाना चाहिए।





















