
रांची। झारखंड में संगठन सृजन कार्यक्रम कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित होता जा रहा है। इसके माध्यम से जिला अध्यक्षों को बदलकर पार्टी ने ऐसा जोखिम उठा लिया है जिसकी भरपाई में महीनों लगेंगे। गड़बड़ियों को सुधारने के लिए केंद्रीय स्तर पर फार्मूले की तलाश भी हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी इसके मद्देनजर कुछ नए सांगठनिक जिलों के निर्माण के पक्ष में हैं। इन जिलों में धनबाद महानगर और जमशेदपुर महानगर को लेकर उन्होंने रविवार की शाम केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात भी की है।
दूसरी ओर, जातिगत समीकरण को साधने के लिए कुछ जिलों में कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की बात भी चल रही है। इस बीच, कोडरमा से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य जिलों में पहुंच रहा है।
धनबाद, हजारीबाग, पलामू आदि जिलों में हंगामा शुरू होता दिख रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस माह दीपावली तक विरोध बढ़ता ही रहेगा।
नए जिलाध्यक्षों के चयन के बाद से बढ़ता जा रहा कलह
नए जिलाध्यक्षों के चयन के बाद से कलह बढ़ता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस ने तमाम गड़बड़ियों की भरपाई करने का फार्मूला तलाशना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के.राजू ने इसी क्रम में कई सुझावों के साथ केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान उन्होंने नए सांगठनिक जिलों के गठन और कुछ जिलों में कार्यकारी अध्यक्षों के चयन को लेकर चर्चा भी की है।



























