प्रधानमंत्री मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेस का वार बजट और ट्रेड डील से ध्यान भटकाने की कोशिश

नईदिल्ली, १६ फरवरी ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीटीआई को दिए साक्षात्कार पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सावधानीपूर्वक लिखी गई और हताश पीआर कवायद करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि यह इंटरव्यू वास्तविक सवालों से बचने और सुर्खियां प्रबंधित करने का प्रयास है। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री व्यापार समझौते और बजट को लेकर विपक्ष के हमलों से घिरे हुए हैं, इसलिए वह अपने पसंदीदा हथकंडे यानी हेडलाइन मैनेजमेंट का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष का बजट निराशाजनक रहा है और बाजार व निवेशकों की प्रतिक्रिया भी उत्साहजनक नहीं रही।जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री किसानों और अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कोई इंटरव्यू नहीं बल्कि एक सोचा-समझा प्रचार अभ्यास है। प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान व्यापार वार्ताओं की आलोचना किए जाने पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उनके आरोपों को अनुचित और गलत करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यूपीए शासन में भारत ने एक आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में कई महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए थे।
पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि यूपीए काल में भारत की अर्थव्यवस्था ने औसतन आठ प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की और 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद भी मजबूती से उभरी। उन्होंने मौजूदा सरकार द्वारा अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते को अपारदर्शी बताते हुए उसके विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उनका आरोप है कि कृषि, कपास और वस्त्र जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

 

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