
Chocolate Factory Blast | इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक चॉकलेट फैक्ट्री में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग ने न केवल पूरी इमारत को राख कर दिया, बल्कि एक जोरदार धमाके के साथ तीन मंजिला बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे ने अब एक गहरा रहस्य अख्तियार कर लिया है। शुरुआती जांच में फैक्ट्री मालिक पर करोड़ों का कर्ज होने की बात सामने आ रही है, जिससे यह हादसा अब ‘साजिश’ के घेरे में आ गया है।
धमाके से दहला इलाका, मलबे का ढेर बनी फैक्ट्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं। आग बुझाने के दौरान ही फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि देखते ही देखते तीन मंजिला पक्की इमारत ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय अधिकांश मजदूर बाहर निकल चुके थे, वरना मौतों का आंकड़ा भयावह हो सकता था।
करोड़ों का कर्ज और ‘बीमा’ का खेल?
हादसे के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, फैक्ट्री मालिक पिछले काफी समय से भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा था। उस पर बैंकों और बाजार का करोड़ों का कर्ज बकाया है। पुलिस और प्रशासन अब इस बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रहे हैं कि क्या यह महज एक शॉर्ट सर्किट था या भारी कर्ज से छुटकारा पाने और इंश्योरेंस क्लेम हड़पने के लिए रची गई कोई सोची-समझी साजिश?
जांच के घेरे में ये अहम बिंदु:
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अवैध भंडारण: क्या फैक्ट्री में चॉकलेट के अलावा कोई विस्फोटक या अत्यधिक ज्वलनशील केमिकल रखा था, जिससे इतना बड़ा धमाका हुआ?
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फायर एनओसी: क्या इमारत के पास अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे या नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्री चल रही थी?
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कर्ज का बोझ: मालिक की कॉल डिटेल्स और बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि ‘साजिश’ के एंगल को पुख्ता किया जा सके।
प्रशासनिक कार्रवाई
मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कलेक्टर ने घटना के मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और क्रेन तैनात की गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर दबा न हो।
“यह सिर्फ एक दुर्घटना है या साजिश, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त रासुका (NSA) जैसी कार्रवाई की जाएगी।” – पुलिस प्रशासन

















