
जांजगीर चांपा। पीडि़ता का अपहरण कर दुष्कर्म कर हत्या करने वाला आरोपी को विशेष न्यायाधीश (एसटी, एससी) सुनीता साहू ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साथ ही 1000 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियोजन के अनुसार पीडि़ता बेमेतरा में भृत्य के पद पर कार्यरत थी। वह छुट्टी लेकर 9 अगस्त 2022 को अपने घर आई थी। 14 अगस्त 2022 की सुबह लगभग 9 बजे अपने घर से बेमेतरा जाने के लिए अपनी स्कूटी में निकली थी। सुबह के लगभग 11 बजे के बाद से पीडि़ता का मोबाईल स्वीच आफ बता रहा था। रात तक बेमेतरा नहीं पहुंची थी। सूचना पर पुलिस ने गु इंसान दर्ज कर पतासाजी प्रारंभ की गई। मोबाईल नंबर के डिटेल्स प्राप्त किया गया। पीडि़ता का मोबाईल नंबर 11 बजे के बाद स्वीच आफ होना पाया गया। मोबाईल नंबर के डिटेल्स एवं लोकेशन के अनुसार पलगड़ा घाटी जाना पाया गया।
विवेचना के दौरान पलगड़ा घाट प्रवेश द्वार के सीसीटीवी विडियो फुटेज चेक करने पर 14 अगस्त 2022 को 11.18 बजे बजे स्कूटी में एक लडक़े के साथ गुमशुदा पीडि़ता पीछे बैठकर पलगड़ा घाटी की ओर जाते जाते दिख रही है तथा 12.04 बजे लडक़ा स्कूटी में अकेले वापस आता हुआ दिख रहा है। संदेही शंकर निषाद से पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन लिया गया। जो बताया कि डि़ता से बातचीत करता था। बाढ़ की वजह से कई जगह रास्ता बंद होने
बताउंगा कहकर पीडि़ता को धोखे में रखकर भदरी चौक फगुरम बुलाया था। उसके बाद वह अपनी मोटर सायकल से तथा पीडि़ता अपनी स्कूटी से दोनों भदरी चौक फगुरम् से खरसिया रेलवे स्टेशन गाए। आरोपी मोटर सायकल रेलवे स्टेशन खरसिया में खड़ी कर पीडि़ता को उसी की स्कूटी में बैठाकर पलगडा जंगल ले गया। वहां पीडिता का हाथ स्कार्फ से बांधकर जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया तथा गला दबाकर एवं ब्लेड से कलाईयों की नसे काटकर उसकी हत्या कर दिया। स्कूटी से अकेले रेलवे स्टेशन खरसिया आकर स्कूटी को खड़ीकर अपनी मोटर सायकल से अपने घर सुखदा वापस आ गया। पीडि़ता का शव बरामद किया गया तथा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने तर्क दिया कि जिस प्रकार से+ आरोपी द्वारा पीडि़ता से दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है, वह निश्चित ही दंडनीय घटना है। अपराध की गंभीरता एवं विरल से विरलतम मामला होने के आधार पर अभियुक्त को मृत्युदण्ड से दंडित किए जाने का निवेदन किया। जिस पर विशेष न्यायाधीश (एसटी, एससी) जांजगीर सुनीता साहू ने आरोपी शंकर निषाद पिता रूप सिंह निषाद (25) निवासी ग्राम सुखदा थाना डभरा जिला सक्ती को धारा 376 एवं 302 के अपराध के लिए मृत्युदण्ड की सजा सुनाई गई। साथ ही 1000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 1 माह का कठिन कारावास की सजा अलग से भुगतने का आदेश दिया गया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एक्ट्रोसिटी एक्ट) धीरज शुक्ला जांजगीर ने पैरवी की।
















