आगरा पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दारोगा को 10 वर्ष का कारावास, कोर्ट ने सुनाई सजा

आगरा। पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में कोर्ट ने दारोगा को दस वर्ष और शिकायतकर्ता को सात वर्ष की सजा सुनाई है। दोनों पर दस-दस हजार का अर्थदंड भी लगाया। 2018 में 30 वर्षीय राजू गुप्ता को पड़ोसी अंशुल प्रताप सिंह के घर से जेवर चोरी के शक में सिकंदरा पुलिस ने हिरासत में लिया। पूछताछ के नाम पर यातनाएं दी गईं। हालत बिगडऩे पर अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई। राजू की मां रेनू लता ने इकलौते बेटे की हत्या के आरोप लगाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की चोटों के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ था।एडीजे 17 नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने 82 पेज के आदेश में घटना को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। कहा कि एक असहाय व्यक्ति को पुलिस स्टेशन परिसर में उसकी मां की उपस्थिति में बुरी तरह से पीटा गया। इससे आखिर उसकी मृत्यु हो गई। उक्त मामले में रक्षक ही संहारक बन गए।
इसलिए दारोगा अनुज सिरोही के खिलाफ लगाए गए अपराध की गंभीरता बढ़ जाती है।

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