
जांजगीर। अकलतरा ब्लॉक के तागा गांव में इस बार रबी फसल की बोआई पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों को सिंचाई विभाग द्वारा भरोसा दिलाया गया था कि तीन नंबर नहर गेट तक पानी छोड़ा जाएगा, लेकिन फिलहाल पानी केवल गेट नंबर-1 तक ही पहुंच पाया है। इस स्थिति से तागा, पौना और मुरलीकंजी क्षेत्र के किसान असमंजस और चिंता में हैं।
किसानों ने बताया कि बोआई का समय लगातार निकल रहा है, लेकिन खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण वे यह तय नहीं कर पा रहे कि बोआई शुरू करें या नहीं। कई किसानों ने धान के बीज खरीद लिए हैं और खेतों की तैयारी भी कर ली है, लेकिन नहर में बेहद कम बहाव से सारी तैयारी अधर में लटक गई है। स्थानीय किसान दीपक सूर्यवंशी ने कहा कि समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी विभाग ने आश्वासन दिया था कि पानी फसल तक पहुंचेगा, लेकिन कई खेत सूख गए और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि नहरों की हालत जर्जर है, समय पर सफाई और मरम्मत नहीं होती। केवल आश्वासन से खेती नहीं चल सकती, जमीन तक पानी पहुंचना जरूरी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया, तो इस सीजन की रबी फसल गंभीर रूप से प्रभावित होगी। उनकी पूरी मेहनत बर्बाद होने का खतरा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रबंध करना चाहिए। ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके। लगभग एक सप्ताह पहले अधिकारियों ने किसानों को फसल तैयारी के लिए कहा था, लेकिन मौजूदा स्थिति देखकर किसानों को संदेह है कि पानी तीन नंबर गेट तक पहुंचेगा भी या नहीं। किसानों ने सिंचाई विभाग से आग्रह किया है कि नहर में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए और जर्जर हिस्सों की कांक्रीट मरम्मत तत्काल कराई जाए, ताकि रबी फसल समय पर बोई जा सके और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। मरम्मत नहीं होने की वजह से हर साल काफी पानी बर्बाद हो जाता है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ता है।

















