
पानीपत। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच पंजाब नेशनल बैंक की इसराना शाखा ने मानवता, समझदारी और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। बैंक के सतर्क स्टाफ और शाखा प्रबंधक की सूझबूझ से सेवानिवृत्त कर्मचारी की जीवनभर की मेहनत की कमाई डिजिटल ठगों के हाथों जाने से बच गई।
उपभोक्ता रामनिवास पिछले दो दिन से लगातार डिजिटल ठगों के संपर्क में थे। ठगों ने व्हाट्सएप कॉल से खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का अधिकारी बताते हुए उन्हें डराया कि उनका सिम कार्ड आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है और उनके नाम पर दूसरा खाता खोलकर 70 लाख रुपये की मनी लान्ड्रिंग की है।
ठगों ने रामनिवास को तथाकथित डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए धमकी दी कि यदि वे बचना चाहते हैं, तो उन्हें डिजिटल क्लिक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को रुपये तुरंत ट्रांसफर करने होंगे, अन्यथा उनके परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा।
घबराए हुए रामनिवास जब पीपीएस फार्म भरवाने के लिए बैंक पहुंचे तो उनकी मानसिक स्थिति देखकर शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्र ने उनसे बात की। शुरुआत में रामनिवास डरे हुए थे और अकेले में जानकारी देने की बात कर रहे थे। उन्हें लगातार कॉल और मैसेज आ रहे थे।
बैंक स्टाफ ने अत्यंत संयम, धैर्य और समझदारी के साथ उनसे पूरी जानकारी ली। जैसे ही पूरी बात सामने आई, शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्र समझ गए कि यह एक संगठित डिजिटल फ्रॉड का मामला है। उन्होंने न केवल रकम ट्रांसफर होने से रोका, बल्कि रामनिवास को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और उन्हें मानसिक रूप से भी आश्वस्त किया।
अनजान कॉल पर न करें भरोसा
पीएनबी इसराना शाखा के मैनेजर सुभाष चंद्र ने कहा आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार हम सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हैं कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या धमकी पर भरोसा न करें। ऐसे मामलों में बैंक, परिवार और साइबर सेल से संपर्क करें।

























