अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल अपशिष्ट जलाने से हो रहा खतरा

देवरी-चांपा। ग्राम देवरी के उपस्वास्थ्य केंद्र में एक्सपायरी दवाओं को खुले कूड़ेदान में डालकर जलाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल परिसर के पास ही दवाओं में आग लगा दी जाती है, जिससे उठने वाला जहरीला धुआं पूरे मोहल्ले में फैल जाता है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। दवाओं के जलने से तेज बदबू और काला धुआं निकलता है, जो घरों तक पहुंच जाता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।
मोहल्लेवासियों ने बताया कि कई बार दुर्गंध इतनी तीव्र होती है कि वे अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद करने को मजबूर हो जाते हैं। आग में इंजेक्शन की शीशियां(वायल) जलने पर तेज आवाज के साथ फटती हैं, जिनके टुकड़े दूर तक छिटक जाते हैं। इससे सडक़ से गुजरने वाले लोगों के घायल होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी विभागीय कर्मचारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कार्रवाई के अभाव से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
पहले गड्ढे में दवा डालते थे, किसी ने पाट दिया है ट्टअस्पताल के पीछे गड्ढा किया था। उसी में एक्सपायरी दवा डाल रहे थे। किसी ने पाट दिया है। इसलिए जलाया गया। अहाता नहीं है, सरपंच को बोलते 3-4 साल हो गए, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। – विजयालक्ष्मी साहू, सीएचओ उपस्वास्थ्य केंद्र , देवरी

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