
दक्षिणी दिल्ली। महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ को पायलट शांभवी पाठक का भी निधन हो गया। शांभवी का परिवार दक्षिणी दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव के ए 1/162 में रेंट पर रहता था। दो दिन पहले परिवार सफदरजंग एन्क्लेव में ही ए 1/313 के फ्लैट में शिफ्ट हुआ था। परिजन शांभवी की शादी के लिए बातचीत कर रहे थे। ऐसे में जिस घर में शादी की शहनाई गूंजनी थी, अब वहां मातम पसर गया है।
पड़ोसियों को नहीं हो रहा यकीन
शांभवी के निधन पर पड़ोसियों को यकीन ही नहीं हो रहा है। पिता और दादा एयरफोर्स में थे, इसके चलते शांभवी ने भी एविएशन फील्ड को चुना। परिवार शादी कराने की तैयारी में था, पर उसके निधन से मां रोली पाठक एकदम से टूट चुकी हैं। पिता विक्रम पाठक बेटी के शव लेने के लिए मुंबई रवाना चुके हैं। वहीं छोटा भाई वरुण मां के पास उन्हें ढांढस बंधा रहा है। देर शाम स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
किसी को भी नहीं हुआ यकीन
पड़ोसियों के मुताबिक शांभवी का परिवार लगभग तीन वर्ष से यहां रह रहा है। पड़ोसी शिल्पी के साथ शांभवी काफी घुली-मिली थी। डेढ़ महीने पहले जब शांभवी दिल्ली में थी, तो ढेर सारी बातें की। उसी दौरान उसके रिश्ते की भी बात चल रही थी। पिता विक्रम पाठक ने लगभग आठ महीने पहले किराये वाले मकान से 200 मीटर आगे ही ए 1/313 के फ्लैट लिया। फिनिशिंग का काम कराने के बाद पूरा परिवार वहां शिफ्ट हो चुका है। पुराने घर के ठीक सामने पार्लर शाॅप संचालिका शिल्पी से जब बात की गई तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ।
आंखें छलक उठीं
महाराष्ट्र में प्लेन क्रैश की जानकारी तो उन्हें थी, पर उसमें उनकी चहेती शांभवी का भी निधन हुआ, ये नहीं पता था। जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं और आंखें छलक उठीं। बताती हैं लगभग दो वर्ष पहले उसे जाब मिली थी। जब भी शांभवी यहां होती थी, उनके पास जरूर आती थी। दोनों ढेर सारी बातें करते थे। उनके डागी के साथ खेलना शांभवी को पसंद था। पढ़ने में तेज और स्वभाव के बहुत मिलनसार थी शांभवी। शिल्पी बताती हैं कि इन दिनों घर में उसकी शादी की बातें चल रही हैं। उसके छोटे भाई की भी हाल ही में नेवी में अच्छे पद पर जाब लगी थी।
































