
सक्ती। सक्ती जिले के किसानों ने ओड़ेकेरा स्थित सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक को हटाने की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि समिति में अनियमितताएं चल रही हैं। समय पर खाद-बीज की आपूर्ति नहीं होने से बोआई का समय निकल जाता है। इससे उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदना पड़ता है।
धान खरीदी के समय भी प्रभारी संस्था प्रबंधक गैसराम बंजारे किसानों से रुपए मांगते हैं। वे असहयोगात्मक व्यवहार करते हैं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुव्र्यवहार किया गया। बात-बात में उन्हें अपमानित किया जाता है। किसानों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, समिति संचालक ने जांच की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि समिति का संचालन प्रभारी की मनमानी पर निर्भर हो गया है। ऋण वितरण में पारदर्शिता नहीं है। किसानों की शिकायतें अनसुनी कर दी जाती हैं। दस्तावेजों में भी गड़बडिय़ों की आशंका जताई गई है। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियां किसानों की रीढ़ होती हैं। लेकिन गैरजिम्मेदार प्रबंधकों के कारण उन्हें समय पर जरूरी संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनके कृषि कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रबंधक को नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन करेंगे। इस मामले पर जैजैपुर स्थित जिला सहकारी बैंक के सुपरवाइजर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उच्च अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।



















