
कोरबा। निर्माण के देवता माने जाने वाले विश्वकर्मा की जयंती 17 सितंबर को मनाई जाएगी। कोरबा जिले के अनेक उद्योगों के साथ-साथ तकनीकी संस्थानों और सैकड़ो पंडाल में प्रतिमा स्थापित करने के साथ पूजा अर्चना होगी। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
जिले में स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रिक पावर जेनरेशन कंपनी, भारत अल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड, अदानी पावर के अलावा अनेक उद्योग और तकनीकी संस्थानों में विश्वकर्मा जयंती मनाने के लिए उत्साहित वातावरण में तैयारी हो रही हैं। नगर से लेकर उपनगर क्षेत्र और आंचल में देव शिल्पी की प्रतिमा स्थापित करने के साथ उनकी पूजा कल की जाएगी । इस तरह की मान्यताएं हैं कि सृष्टि के निर्माण में उनकी विशेष भूमिका रही। इसलिए तकनीकी, मशीनरी, वास्तु और निर्माण से संबंधित वर्ग अपने कार्य क्षेत्र में सफलता के लिए विश्वकर्मा की पूजा को महत्व देता है। औद्योगिक जिला होने के कारण कोरबा क्षेत्र में विश्वकर्मा पूजा के अपने अलग मायने हैं। यहां पर सैकड़ो जगह पूजा के साथ भोग वितरण और शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। गुरुवार को धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।
जोश में खो देते हैं होश
बीते वर्षों में इस तरह की तस्वीर कोरबा जिले में पेश आई है जब विश्वकर्मा पूजा के साथ-साथ विसर्जन के दौरान युवाओं को जोश में होश होते देखा गया । असामान्य हालत में उनकी हरकतें लोगों को हैरान करती हैं कि आखिर यह सब हो क्या रहा है और वह भी धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर। इस दौरान डीजे के शोर में बजने वाले बेहूदा गाने भी यह बताते हैं कि आखिर इरादा क्या है। प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि अगर इस तरह का भौंडापन दिखेगा तो सवाल उठेंगे ही। इसलिए इस तरह की प्रवृत्ति पर ब्रेक लगाने के बारे में विचार होना ही चाहिए





















