
कोरबा। ग्राम पंचायत तिवरता में अशोक धुलियानी एवं राजकुमार धुलियानी परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का शनिवार को हवन पूजन के साथ समापन हो गया। इस कथा को श्रवण करना न केवल स्थानीय लोग बल्कि दूर दराज से भी भक्त पहुंचकर भक्तिरस का आनंद लेते रहे। कथा वाचक भगवता चार्य दीपक कृष्ण शास्त्री महराज ने कथा सुनाते हुए कहा कि कृष्ण ने अज्ञानी कंश को मारकर अपने माता-पिता देवकी और वासुदेव को कारागार से मुक्त कराया। अपने मित्र उद्धव त्रिवकरा की कथा सुनायी जिसमें कथावाचक श्री शास्त्री ने वर्णन करते हुए कहा कि कृष्ण ने त्रिवकरा की शुद्ध भक्ति देखकर उसके ठुढ्ढी को अपने पैरों से दबाकर उसके अंगों को सामान बनाते हुए उसे सुंदर स्त्री बनाकर आर्शिवाद दिया। कथा स्थल पर संगीतमय भजनों की प्रस्तुति के बीच श्रोता झुम उठे। भक्ति संगीत बचते ही कई भक्त भावविभोर होकर नाचने लगे और पूरा वातावरण हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा।














