सभी किसानों की धान खरीदने के लिए दबाव बनाने दिया धरना

जांजगीर। सरकार द्वारा दो दिनों तक धान खरीदी का निर्णय लिया गया था, लेकिन पहले ही दिन धान खरीदी के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। कई खरीदी केंद्रों में भौतिक सत्यापन कराए गए किसानों से धान लिया गया, जबकि जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम खोखरा धान खरीदी केंद्र में भारी अव्यवस्था और विवाद देखने को मिला।
किसानों ने आरोप लगाया कि धान उपलब्ध होने के बावजूद उनसे खरीदी नहीं की जा रही है। इससे नाराज किसानों ने खरीदी केंद्र के सामने विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब 18 से 20 किसान खरीदी केंद्र के गेट के सामने धरने पर बैठ गए और केंद्र के अंदर लोगों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठे किसानों का कहना था कि उनका धान पहले ही सत्यापित हो चुका है, इसके बावजूद खरीदी नहीं की जा रही है। किसानों के अनुसार शासन ने धान बेचने के लिए केवल दो दिनों का समय निर्धारित किया है, लेकिन केंद्र में अव्यवस्था के कारण उनका धान नहीं लिया गया। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए खरीदी केंद्र में पुलिस जवानों की ड्यूटी लगानी पड़ी।
तहसीलदार के साथ किसानों की हुई बहस सूचना मिलने पर जांजगीर तहसीलदार आरके मरावी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान तहसीलदार और किसानों के बीच तीखी बहस भी हुई। किसानों भडक़ गए। किसानों ने कहा कि यदि धान नहीं बिकेगा तो बैंक से लिए गए केसीसी ऋण को कैसे चुकाया जाएगा। धान नहीं बिकने की स्थिति में उनकी आर्थिक परेशानी और गहराने की आशंका है।
किसानों को समझाया है ट्टतहसीलदार आरके मरावी ने बताया कि खरीदी केन्द्र के सामने करीब 10 से 15 किसान प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें समझाया गया है। कई किसानों का पूर्व में पीवी एप में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। नियम अनुसार किसानों से धान खरीदी होने की जानकारी दी गई है।
तीन श्रेणियों के किसान से धान खरीदी करने का निर्देश जारी हुआ था। किसानों से धान लेने के लिए आज अंतिम दिन है। इसके बाद खरीदी नहीं की जाएगी।

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