कोरबा। जैन समाज के प्रमुख पर्व पर्यूषण महापर्व एवं दशलक्षण पर्व का शुभारंभ बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार, 28 अगस्त 2025 (भाद्रपद शुक्ल पंचमी) से हुआ। यह पर्व शनिवार, 6 सितंबर 2025 (भाद्रपद शुक्ल अनंत चतुर्दशी) तक आयोजित होगा। पर्यूषण पर्व आत्मशुद्धि, अहिंसा, संयम एवं पवित्रता का संदेश देने वाला पर्व है, जो मोह, राग एवं द्वेष से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
इस अवसर पर संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर महाराज, आचार्य गुरुवर 108 श्री समय सागर जी महाराज एवं आर्यिका रत्न श्री 105 आदर्श मति माताजी के मंगल आशीर्वाद से, आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी एवं आर्यिका रत्न श्री 105 अभेदमति माताजी के सानिध्य में यह महापर्व मनाया जा रहा है। पर्व के दौरान दशधर्म—उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम त्याग, उत्तम तप, उत्तम आकिंचन एवं उत्तम ब्रह्मचर्य पर आर्यिका माताजी विशेष प्रवचन देंगी। प्रथम दिवस के कार्यक्रम में संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर महाराज जी के चित्र का अनावरण किया गया। डॉ. प्रदीप जैन एवं आकांक्षा जैन द्वारा दीप प्रज्वलन के उपरांत श्री जी का अभिषेक हुआ। इसके बाद बासुपूज भगवान की प्रथम शांति धारा श्री दिनेश जैन, पार्श्वनाथ भगवान की द्वितीय शांति धारा अमित जैन (छोटू) एवं महावीर स्वामी भगवान की तृतीय शांति धारा सम्पन्न हुई। आर्यिका रत्न श्री 105 अखंडमति माताजी ने प्रथम दिवस के अवसर पर उत्तम क्षमा धर्म पर मंगल प्रवचन दिया, तत्पश्चात श्री जी का पूजन संपन्न हुआ। अंत में आर्यिका रत्न श्री 105 अभेदमति माताजी द्वारा तत्वार्थ सूत्र का वाचन कराया गया। इस अवसर पर जैन मिलन समिति के पदाधिकारीगण, महिला मंडल एवं जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।