
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के काटने के बाद सही इलाज नहीं मिलने से एक युवक की जान चली गई। बताया जा रहा है कि करीब पांच महीने पहले युवक को कुत्ते ने काटा था, लेकिन परिवार ने उसे अस्पताल ले जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के बजाय जड़ी-बूटी से उपचार कराया। शुरुआत में घाव तो ठीक हो गया, लेकिन शरीर में संक्रमण धीरे-धीरे फैलता रहा। कुछ समय बाद युवक की हालत बिगडऩे लगी और उसमें असामान्य व्यवहार दिखाई देने लगा। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाने के कारण यह स्थिति बनी। यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय उपचार और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना बेहद जरूरी है।
















