
जांजगीर। शहरी क्षेत्रों में पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी शुरू की है। इस योजना की चार श्रेणियां हैं, जिनमें से प्रदेश सरकार ने लाभार्थी आधारित निर्माण को मंजूरी दी है। इसके तहत जिनके पास स्वयं की भूमि है, उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार अनुदान देगी।
शहरी क्षेत्रों में इसके लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। यह योजना जिले के सभी नगरीय निकायों में लागू होगी। माना जा रहा है कि नगरीय निकाय चुनाव पूरी होने के बाद अब इस काम में तेजी आएगी। दरअसल, इसके सर्वे के लिए पहले भी निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई कारणों से इसका काम प्रभावित हो रहा था। अब जिले के अधिकांश निकायों में भाजपा का कब्जा है, इसलिए इस काम को प्राथमिकता सूची में रखा गया है। योजना के तहत लाभार्थी आधारित निर्माण योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के हितग्राहियों को फायदा होगा।
जिनके पास स्वयं की जमीन है, उन्हें सरकार कम से कम 35 और अधिकतम 45 वर्गमीटर क्षेत्रफल में मकान बनाने का प्रावधान है। निर्मित पक्के आवास में कम से कम दो कमरे, रसोई और बाथरूम बनाकर दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस योजना के तहत वर्तमान में निर्मित आवास के विस्तारीकरण और नवीनीकरण की अनुमति नहीं होगी।
गृह प्रवेश करने पर मिलेंगे 32 हजार रुपए इस साल के बजट में सरकार ने मुख्यमंत्री गृह प्रवेश समान योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसका लाभ लाभार्थी आधारित निर्माण योजना में मिलेगा।
इसके तहत हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर प्रोत्साहन के रूप में 32,850 रुपए अलग से दिए जाएंगे। वहीं, आवास निर्माण के लिए भौतिक प्रगति अनुसार केंद्रांश के रूप में 1.50 लाख तथा राज्यांश के रूप में 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके बाद आवास निर्माण में लगने वाली शेष राशि हितग्राही को ही खर्च करनी होगी। हितग्राही को आवास की मंजूरी मिलने के बाद भवन का निर्माण कार्य स्वयं के खर्च से प्रारंभ करना होगा।






















