
जांजगीर-चांपा । चार सूत्रीय मांगों को लेकर जांजगीर-चांपा जिले के 129 सहकारी समितियों के कर्मचारीं और कम्प्यूटर ऑपरेटर सोमवार 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। धान खरीदी शुरू होने से ठीक पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल से धान खरीदी पर संकट के बादल छा गए हैं। समितियों में धान खरीदी की तैयारी पूरी तरह से ठप पड़ गई है। एग्रीस्टेक पंजीयन के बाद बहुत से किसानों का डाटा मिलान नहीं हो पाया है। इसके लिए किसान समितियों तक पहुंच रहे हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इधर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सहकारी समिति के कर्मचारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर संभाग स्तरीय आंदोलन में डटे हुए हैं। गौरतलब है कि अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के पांच संभागों के 15 हजार कर्मचारी और ढाई हजार कम्प्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं। इधर धान खरीदी शुरू होने में अब महज 10 दिन का समय शेष बच गया है। 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी लेकिन अभी तक उपार्जन केंद्रों में किसी तरह की कोई तैयारी शुरू नहीं हुई है। न तो उपार्जन केंद्रों की साफ-सफाई हुई है और न ही बिजली, पानी और अन्य संसाधन । बारदाना भी नहीं पहुंचा है और समितियों में ताला लटका हुआ नजर आ रहा है।
जिले में सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित पीडीएस दुकानों में भी आंदोलन का असर दिखने लगा है। पीडीएस दुकानों का ताला नहीं खुल रहा है और वितरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि महिला समूहों के द्वारा संचालित पीडीएस दुकानों में हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ेगा।
सेवा सहकारी समिति के कर्मचारियों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। फिर भी हमारे ओर से धान खरीदी की तैयारी चल ही रही है। उपार्जन केंद्रों के लिए किया जा रहा है। आवश्यक संसाधनों का इंतजाम अमित साहू, नोडल आफिसर जिला सहकारी बैंक।























