भारतमाला प्रोजेक्ट भूमि अधिग्रहण मामले में ईडी का एक्शन

रायपुर- विशाखपट्टनम, २९ दिसम्बर ।
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापामारी की है। यह कार्रवाई रायपुर से विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) तक भारतमाला परियोजना के तहत आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राजधानी रायपुर और महासमुंद जिले में कम से कम नौ परिसरों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जांच का संबंध भारतमाला परियोजना के रायपुर-विशाखापट्टनम खंड में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में गड़बड़ी से जुड़ा है। भारतमाला परियोजना के तहत देश में करीब 26,000 किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जो माल ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस प्रोजेक्ट में पहले से ही छत्तीसगढ़ में कई अनियमितताओं की जांच चल रही है, जिसमें करोड़ों रुपये के मुआवजे में घोटाले के आरोप लगे हैं। ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत की गई है। जांच में शामिल लोगों के ठिकानों पर दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सबूत तलाशे जा रहे हैं। यह मामला पहले से ही राज्य में चर्चा का विषय रहा है, जहां विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की थी। ईडी की जांच आगे बढऩे से इस घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है।
एक अधिकारी ने बताया कि राज्य की राजधानी रायपुर और महासमुंद में कम से कम नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। यह पूरा मामला भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन के तहत हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और ज़मीन मालिकों से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। भारतमाला परियोजना में लगभग 26,000 किलोमीटर के आर्थिक गलियारों के विकास की परिकल्पना की गई है, जिनसे गोल्डन क्वाड्रिलेटरल और उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारों के साथ-साथ सडक़ों पर माल ढुलाई का अधिकांश ट्रैफिक होने की उम्मीद है।

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