कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की मेगा माइंस गेवरा में कोयला चोरी का काम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सीआईएसएफ ने एंबुस लगाकर चोर गिरोह के 8 सदस्यों को दबोचने का काम आज किया। उनके कब्जे से कोयला के अलावा खनन में उपयोग सामान और चार साइकिलें जब्त हुई हैं। माना जा रहा है कि व्यापक पैमाने पर यह काम चल रहा है और इसमें कोई बड़ा गिरोह संलिप्त है।
मंगलवार की सुबह 7.20 बजे के आसपास सीआईएसएफ ने गेवरा माइंस के भटुरा एरिया भिलाईबाजार के नजदीक इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उसके पास लगातार इस तरह की सूचनाएं आ रही थी कि इस क्षेत्र में कोयला चोरों के द्वारा गतिविधियां संचालित की जा रही है और प्रतिदिन कोयला को पार किया जा रहा है। सूचनाओं में कहा गया था कि अलग-अलग हिस्सों में लोगों का समूह कोयला चोरी करने के साथ उसे साइकिल से आसपास के क्षेत्र में परिवहन करते हुए बड़े गिरोह को खपा देता है। इस व्यवस्था से प्रबंधन को नुकसान हो रहा है। सीआईएसएफ ने सूचनाओं की पुष्टि करने के साथ संबंधित क्षेत्र में एंबुस लगाया और 8 लोगों को पकड़ लिया जो चोरी का कोयला यहां से ले जा रहे थे। इनमें भिलाईबाजार निवासी हरप्रसाद पिता पंचम 51 वर्ष, हुलेश्वर साहू पिता खेमराज 42 वर्ष, रवि यादव पिता कन्हैया यादव 37 वर्ष, पवन कुर्रे पिता छेदूराम 40 वर्ष, संजय लाल पिता छेदीलाल यादव 35 वर्ष और गंगदेई निवासी रामफल यादव पिता श्रीराम यादव 37 वर्ष, गोपाल सिंह पिता दिलहरण सिंह 25 वर्ष व घनश्याम यादव पिता दंगल राम यादव 35 वर्ष शामिल हैं। सीआईएसएफ की ओर से बताया गया कि पकड़े गए लोगों के कब्जे से सैकड़ों किलो कोयला से भरी बोरियां, दो नग खोदाई करने वाली गैती, 4 साइकिल और अन्य सामान जब्त हुए हैं। पूछताछ में संबंधित लोगों ने बताया कि वे लंबे अरसे से इस काम को करते आ रहे थे और पहली बार सीआईएसएफ के कब्जे में चढ़े हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से घरेलू जरूरत के लिए कोयला का उपयोग किया जाता रहा है जबकि दूसरी मात्रा को दूसरे लोगों के हवाले कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बहुत सारे लोग इस काम में लगे हुए हैं और यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। सीआईएसएफ ने इस मामले में पकड़े गए लोगों और सामान को दीपका पुलिस के हवाले किया है। अगली कार्यवाही पुलिस की ओर से की जानी है।