29 अगस्त को जिला व क्षेत्रीय स्तर प्रदर्शन व ज्ञापन तथा 9 अक्टूबर को होगा मुख्यालय का घेराव
कोरबा। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के द्वारा पॉवर कंपनी प्रबंधन के वादा-खिलाफी और बिजली कर्मियों के पुरानी पेंशन योजना, संविदाकर्मियों के नियमितिकरण सहित विभिन्न ज्वलंत मांगों/समस्याओं का निराकरण नही किये जाने के विरोध में पॉवर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के द्वारा प्रबंधन को प्रषित आंदोलन की सूचना पत्र में कहा गया है, संघ के द्वारा पुरानी पेंशन योजना बहाली, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, तकनीकी भत्ता संघ सहित विभिन्न ज्वलंत समस्याओं/मांगो को लेकर पत्र दिया गया, जिन पर प्रबंधन के साथ अनेको बार द्विपक्षीय बैठकें हुई, लेकिन आश्वासन के अनुरूप अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नही लिया गया। कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष और कंपनी प्रबंधन के वादाखिलाफी के विरोध में महासंघ के द्वारा फिर एक बार सडक़ पर उतरकर जोरदार आंदोलन का आगाज कर दिया है, जिसके तहत आंदोलन के पहले चरण में आगामी 29 अगस्त को पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों व क्षेत्रीय मुख्यालयों में आमसभा व धरना/प्रदर्शन किया जाएगा, फिर रैली के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं चैयरमैन, पावर कंपनी के नाम पर जिला कलेक्टर एवं मुख्य अभियंता के नाम को ज्ञापन सौपा जाएगा। महासंघ के महामंत्री नवरतन बरेठ ने बताया कि आगामी 29 अगस्त के प्रथम चरण के आंदोलन के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है पूरे प्रदेश के सभी 33 जिलों में पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी दी गई है तथा वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। कोरबा में अखिल भारतीय मंत्री व विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल, बिलासपुर में महासंघ के अध्यक्ष संजय तिवारी व एस.के. मजूमदार, रायपुर में अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के उपमहामंत्री हरीश चौहान, दुर्ग में बी.एस. राजपूत, राजनांदगांव में संयुक्त महामंत्री शिवेंद्र केशव दुबे, बस्तर में कार्यकारी अध्यक्ष तेज प्रताप सिन्हा व महामंत्री नवरतन बरेठ, रायगढ़ में एल.पी. कटकवार, अम्बिकापुर में दौलत चौहान आदि शामिल होंगे। सभी जगह जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद रायपुर मुख्यालय में रैली व घेराव की रणनीति बनाई जाएगी।

28 अगस्त /