
कोरबा। जिले में सरकारी जमीन पर खतरे बरकरार हैं। मौका मिलते ही इन पर अवैध कब्जा करने के लिए हर कोई उतावला नजर आ रहा है। कटघोरा क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर (खुटरीगढ़) के नेशनल हाईवे-130 के बायपास मार्ग पर स्थित शासकीय वनभूमि पर अवैध कब्जा की जमकर चर्चा है। सबसे खास बात यह है कि यह जमीन वन विभाग की है और इसी विभाग के एक कर्मी ने बेजा कब्जा करने में रूचि ली है।
सूत्रों ने बताया कि जिसकी ओर से नियम कायदों की धज्जी उड़ाने के साथ फारेस्ट के अलावा सरकार को चुनौती देने का काम किया गया, वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत डिप्टी रेंजर हैं। नेशनल हाईवे के बायपास के नजदीक खुटरीगढ़ में इस कर्मी ने अपने ही विभाग की जमीन को खाली पड़ा देखा और इसे अपनी संपत्ति समझकर निर्माण शुरू कर दिया।
रामपुर पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञता जताई। सरपंच ने कहा मुझे इस तरह के किसी कार्य की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कोई अतिक्रमण हुआ है तो यह पूर्णत: गलत है। शासकीय भूमि पर कब्जा करने से पहले पंचायत को जानकारी देना अनिवार्य है। कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत को इस बारे में तरुण छत्तीसगढ़ ने अवगत कराने के साथ प्राथमिक जानकारी उपलब्ध कराई है।
विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में
यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में वनभूमि पर अवैध कब्जे के मामले सामने आए हों। लेकिन विभाग द्वारा लगातार चुप्पी साधे रखने और किसी भी तरह की औपचारिक कार्रवाई न किए जाने से लोग खुलकर अतिक्रमण करने से नहीं झिझक रहे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में कई स्थानों पर इस तरह के अवैध कब्जे मौजूद हैं, लेकिन वन विभाग की निष्क्रियता और उदासीन रवैये के कारण अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

























