
कोरबा शहर में बने हैं 2 केन्द्र
कोरबा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजी बोर्ड) की ओर से आयोजित हाई और सेकेंडरी परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य बुधवार से प्रारंभ हो गया है। पहले दिन 512 मूल्यांकनकर्ताओं ने लगभग चार हजार से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की जांच पूरी की है।आने वाले दिनों में मूल्यांकनकर्ताओं की संख्या बढऩे से मूल्यांकन कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। सीजी बोर्ड ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए, जिले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साड: कन्या और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एनसीडीसी कोरबा को मूल्यांकन केंद्र बनाया है। दोनों ही केंद्रों में कुल लगभग एक लाख 33 हजार उत्तरपुस्तिका पहुंची है। गुरुवार को मूल्यांकन कार्य का पहला दिन रहा। उत्तरपुस्तिकाओं को वितरण किया गया, जो शाम पान बजे तक जारी रहा। पहले दिन साडा कन्या स्कूल में 254 मूल्यांकनकर्ता पहुंचे हुए थे। उन्होंने हाई और हायर सेकेंडरी के क्रमश: 1124 और 332 सुबह से मूल्यांकनकर्ता पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि सुबह लगभग 10 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मूल्यांकनकर्ताओं ने 4 हजार उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की। को इसके अलावा एनसीडीसी मूल्यांकन केंद्र में 255 मूल्यांकनकर्ता पहुंचे। उन्होंने ने भी कक्षा 10वीं एवं 12वीं के लगभग दो हजार से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की है। बताया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा के उत्तरपुस्तिकाओं की जांच को अनिवार्य सेवा में शामिल किया गया है। इसके लिए सभी मूल्यांकनकर्ताओं को कैद में पहुंचकर कार्य जल्द से जल्य पूरा करने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक मूल्यांकर्ताओं को प्रतिदिन लगभग आठ से 10 उत्तरपुस्तिका जांच के लिए प्रदान किए जाएंगे। ताकि उत्तरपुस्तिकाओं के जांच के लिए मूल्यांकनकर्ताओं को पर्याप्त समय मिले और बेहतर ढंग से जांच हो।
गलती की तो कार्रवाई भी तय
बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर दंड का प्रावधान है। इस पर कार्रवाई परीक्षाफल समिति की ओर से की जाती है। मूल्यांकन में 20 से 40 अंक की वृद्धि का प्रकरण समने आने पर सभी पारिश्रमिक कार्य से तीन वर्ष के लिए वचित एक वर्षीय वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से राकने की अनुशंसा का प्रवधान है। 29 से 41 अंक की वृद्धि होने पर पांच वर्ष के लिए वंचित व अन्य प्रावधान किए गए हैं। इसके अलाया 51 अंक से अधिक की वृद्धि पर पांच वर्ष तक पारिश्रमिक कार्य से वंचित करने के साथ ही अन्य बंड का प्रावधान किया गया है।बताया जा रहा है कि दोनों ही केंद्र में प्रथम चरण में एक लाख 33 हजार उत्तरपुस्तिका पहुंची है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए मूल्यांकनकर्ताओं के पास 14 अप्रैल तक का समय है। केंद्रों में मौजूद उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतिदिन लगभग साढ़े छह हजार से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं की जांच करनी होगी। तब जाकर तय समय पर जांच कार्य पूरा हो सकेगा। हालांकि इस बीय द्वितीय चरण की जतरपुस्तिका का मूल्यांकन कार्य चार अप्रैल से



















