हर बूंद हो स्वच्छ अभियान का असर, दिल्ली विधानसभा में गंदे पानी पर बहस, ३0-50 साल पुरानी पाइपलाइनें बनीं वजह

नई दिल्ली। हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थ अभियान के तहत दिल्ली में गंदे पानी की जलापूर्ति को लेकर उठाए जा रहे मामले विधानसभा तक पहुंच गए। मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय अपनी ही विधानसभा में गंदे जलापूर्ति की समस्या का उल्लेख करते हुए इसके समाधान की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मालवीय नगर विधानसभा में 10 साल से आप सरकार ने कोई कार्य नहीं किया, जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है। हालांकि, दिल्ली की गंदे जलापूर्ति का मामला केवल मालवीय नगर तक सीमित नहीं है। पूर्वी दिल्ली की बात करें तो पटपडग़ंज के मंडावली स्कूल ब्लाक, चंद्र विहार, इंदिरा कॉलोनी जैसे इलाकों में गंदे पानी की बहुत बड़ी समस्या है। इसी प्रकार की स्थिति पूर्वी दिल्ली के ही मयूर विहार फेस 2 और फेस 3, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, पांडव नगर, चिल्ला गांव, योजना विहार और आनंद विहार, जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, शास्त्री पार्क, भगवानपुर खेड़ा, वेस्ट अंगद नगर, राम नगर एक्सटेंशन और जगजीवन नगर जैसे इलाके गंदे पानी से जूझ रहे हैं। इसी प्रकार मध्य दिल्ली में पटेल नगर, बलजीत नगर और पुरानी दिल्ली का नबी करीम इलाका पानी की कमी और गंदे पानी की समस्या से ग्रसित है। दक्षिणी दिल्ली के साकेत, ओखला फेस 2, न्यू फ्रेड्स कॉलोनी, साउथ एक्सटेंशन जैसे इलाकों में भी गंदे पानी की समस्या है। किसी इलाके में लाइनों के क्षतिग्रस्त होना बडी वजह है तो कई इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की वजह से यह समस्या है, जिसकी वजह से लोग स्वच्छ जल के लिए भटकते हैं।दिल्ली विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए सतीश उपाध्याय ने कहा कि मालवीय नगर की कुछ कालोनियों में तीन साल से कई कॉलोनी में गंदा पानी आ रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में आप सरकार द्वारा काम नहीं करने के कारण अब जनता इसका खामियाजा भुगत रही है।उन्होंने इसका कारण पानी की पाइप लाइन का पुराना हो जाना बताया है और इसे बदले जाने की जरूरत बताई है। उपाध्याय ने कहा कि पानी की लाइनें 30 से 40 साल और 50 साल पुरानी हैं। इसके साथ ही उन्होंने पानी के बंटवारे में असमानता होने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा किसी कॉलोनी में एक घंटे पानी आ रहा है तो किसी में वह भी नहीं आ रहा है इस पर भी ध्यान दिया जाए।

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