कमर्जी समिति में किसानों का शोषण जारी, प्रबंधक की दबंगई से किसान हमाली करने को मजबूर

जनकपुर। एमसीबी जिले के कोटाडोल तहसील अंतर्गत कमर्जी समिति में प्रबंधक की दबंगई के आगे सरकार के सारे नियम कानून की धज्जियाँ उड़ रही है। यहां समिति में अपनी खून पसीने से तैयार की गई धान उपज को समर्थन मूल्य पर बिक्री करने आने वाले किसान प्रबंधक की दबंगई से हम्माली करने को मजबूर हो रहे है। जबकि शासन द्वारा समितियों में धान उपज को बिक्री के लिए लेकर आने वाले किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए शासन द्वारा नियम कानून बनाकर दिशा निर्देश जारी करती है। लेकिन कमर्जी समिति प्रबंधक अरविन्द पाण्डेय की दबंगई और इसके मातहत कर्मचारियों की मनमानी से किसान त्रस्त हो रहे है। इनके द्वारा किसानों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। कमर्जी धान खरीदी केंद्र का प्रबंधक अरविन्द पाण्डेय दबंगई और मनमानी करते हुए किसानों से प्रति बोरी अतिरिक्त धान जबरन ले रहा है, और किसानों को धमकाकर उनसे हम्माली का कार्य कराता है। कमर्जी समिति में आने वाले अन्नदाताओ पर प्रबंधक द्वारा दबाव बनाकर जबरन 41 किलो से ज्यादा धान लिया जा रहा है। किसानों द्वारा अतिरिक्त धान देने से इंकार करने पर प्रबंधक किसानों के उपज में कमी बताकर उनका धान लेने से इंकार करने की धमकी देता है। जिससे किसान अपनी मेहनत से तैयार किया गया धान उपज में डंडी मरवाने को मजबूर हो रहें है। कमर्जी समिति में धान उपज लेकर आने वाले किसान गुलाब सिंह, लखन प्रताप, राजकुमार, ने बताया कि प्रबंधक हम किसानों को समिति से एक भी मजदूर नहीं दिया गया है। जिससे हम किसान स्वयं से धान का ढाला करते है, स्वयं धान को बोरी में भरते है और 41 किलो से ज्यादा वजन तौलकर बोरी की सिलाई करते है और अंत में धान से भरी बोरी को उठाकर छल्ली लगाते है।

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