समर्थन मूल्य और ऑनलाइन टोकन से सशक्त हो रहे किसान

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीक आधारित धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों को न केवल सुविधा प्रदान की है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बनाया है।कोरबा विकासखण्ड के ग्राम ढेलवाडीह निवासी किसान श्री उमेन्द्र लाल उरांव ने सरकार की सुव्यवस्थित धान खरीदी प्रणाली का लाभ उठाते हुए नकटीखार उपार्जन केंद्र में 152 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्हें समर्थन मूल्य पर समय पर भुगतान प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हुई। उन्होंने कहा शासन की धान खरीदी व्यवस्था किसान हित में बड़ा कदम है।किसान उमेन्द्र लाल उरांव अपने 10 एकड़ कृषि भूमि में परिश्रमपूर्वक खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने नकटीखार सहकारी समिति के माध्यम से अपनी उपज का विक्रय किया। राज्य सरकार की टोकन तुहर हाथ मोबाइल एप के जरिए उन्हें घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त हो गया, जिससे उपार्जन केंद्र में किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ा।उन्होंने बताया कि धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सरल और सुगम रही। समर्थन मूल्य पर समय पर भुगतान मिलने का प्रत्यक्ष लाभ उन्हें पिछले वर्ष मिला, जब धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने अपने परिवार के लिए पक्का घर बनवाया। यह वर्षों से देखा गया सपना था, जो शासन की प्रभावी धान खरीदी व्यवस्था के कारण साकार हो सका।किसान उमेन्द्र लाल उरांव का कहना है कि प्रदेश सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय में वृद्धि की है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर भी अग्रसर किया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से हम जैसे छोटे और मध्यम किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा अब भविष्य को लेकर भरोसा और उम्मीद दोनों पहले से अधिक मजबूत हुई हैं।

RO No. 13467/10