
बिर्रा। किसानों की धान खरीदी प्रक्रिया में भारी बाधा आ गई है। कई किसानों के धान खरीदी टोकन अभी तक जारी नहीं किए गए हैं, जिसके कारण वे अपनी गाढ़ी कमाई की फसल बेचने में असमर्थ हैं। किसानों को टोकन कटवाने के लिए सोसायटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धान खरीदी अचानक बंद कर दी गई है और सरकार की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार जिन किसानों के धान खरीदी टोकन 19 जनवरी तक जारी नहीं हुए हैं, उनके घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन के लिए सहायक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (कृषि अधिकारी), पटवारी और अन्य अधिकारी गांवों में जाकर जांच करेंगे कि किसानों के पास बेचने के लिए पर्याप्त मात्रा में धान बचा है या नहीं। जांच के बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट राजस्व न्यायालय में भेजेंगे और न्यायालय के आदेश के बाद ही किसानों के लिए टोकन जारी किए जाएंगे। वहीं किसानों का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण उनकी साल भर की मेहनत की कमाई फंस गई है और वे बेचने के लिए बुरी तरह परेशान हैं।

















