दो उर्वरक की प्रचलित कीमतों में 150 रूपए की वृद्धि से बढ़ी किसानों की परेशानी

जांजगीर। इस साल खरीफ की खेती किसानों के लिए महंगी साबित होने वाली है। खाद के दामों में बढ़ोतरी हुई है। एनपीके खाद की कीमत 1720 रुपए से बढक़र 1900 रुपए प्रति बोरी हो गई है, जबकि पोटाश अब 1500 से बढक़र 1800 रुपए प्रति बोरी मिलेगा। रबी सीजन के बाद किसान को खरीफ सीजन में अधिक खर्च उठाना पड़ेगा।
हर साल खरीफ सत्र शुरू होने से पहले अनाज, दलहन-तिलहन के बीज व खाद की नई दर शासन की ओर से जारी की जाती हैं। जनवरी में राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित ने नई दर जारी की है। इसके अनुसार यूरिया 266 रुपए और डीएपी 1350 रुपए प्रति बोरी की दर से उपलब्ध होगा। एनपीके खाद की कीमत में पिछले दो साल में 430 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं एमओपी (पोटाश) भी करीब 300 रुपए महंगी हो गई है। धान जिले की प्रमुख फसल है। उत्पादन और बिक्री में जांजगीर जिला हमेशा आगे रहता है, जो जिले की पहचान भी है। अधिकांश किसान केवल धान की ही खेती करते हैं। दूसरी फसल वही किसान उगा पाते हैं, जिनके पास पर्याप्त साधन और व्यवस्था होती है। नहर में पानी आते ही रबी सीजन में भी अधिकांश किसानों ने धान की ही खेती की है। हालांकि ?बीते कुछ सालों से शासन किसानों को धान को छोडक़र कर दूसरी फसल लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके ज्यादातर किसान रुचि नहीं ले रहे हैं। खाद 2024 2025 2026 6एनपीके (12-32-16) 1470 1720 1900 6एनपीके (20-20-0-13) 1199 1300 1400 6एमओपी 1500 1535 1800
कीमत बढऩे का जिले के 1 लाख किसानों पर पड़ेगा असर जिले में राज्य के अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे अधिक धान की खेती होती है। खरीफ सीजन में जिले में करीब 1 लाख 22 हजार से अधिक किसानों ने धान की खेती की थी। मोटा धान और पतला धान व खाद एनपीके (12-32-16), एनपीके (20-20-0-13), एमओपी के दाम में बढ़ोतरी हो जाने से आने वाले खरीफ सीजन में किसानी की लागत बढ़ेगी। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
खरीफ वर्ष 2026 के लिए 19700 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों बांटने का लक्ष्य है। निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत यूरिया 9200 मीट्रिक टन, डीएपी 5500 मीट्रिक टन, एनपीके 2500 मीट्रिक टन, एमओपी 500 मीट्रिक टन व एसएसपी 2000 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता रहेगी। उर्वरकों का संपूर्ण वितरण सहकारी समितियों के जरिए किया जाएगा। 31 मई तक अग्रिम रूप से उठाए गए रासायनिक उर्वरकों पर ब्याज नहीं लगेगा।
यूरिया का दाम? नहीं बढऩे से किसानों को थोड़ी राहत इस साल यूरिया के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई है। किसानों को यूरिया सोसायटी में करीब 266 रुपए प्रति बोरी मिलेगा। किसान धान की पैदावार बढ़ाने के लिए सबसे अधिक यूरिया का उपयोग करते है। यूरिया के दाम में बढ़ोतरी नहीं होने से किसानों को थोड़ी राहत है।

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