किसानों ने धान खरीदी नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

जांजगीर-चांपा। धान खरीदी से वंचित किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शहर में कृषक चेतना मंच के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा कि जल्द ही धान खरीदी के लिए कोई निर्णय नहीं लेने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस बार समर्थन मूल्य में जिले में सैकड़ों किसान धान बेचने से वंचित हो गए है। इसका कारण सरकार के नीत नए नियम बताया जा रहा है। रकबा सरेंडर के चक्कर में किसान परेशान होते रहे, दफ्तरों का चक्कर लगाते रहे। इधर अंतिम में टोकन कटना ही बंद हो गया। सैकड़ों किसान धान बेचने से वंचित हो गए। ऐसे में जिले के अन्नदाता के सामने विकराल समस्या खड़ी हो गई है। एक बार फिर से किसान एकजुट होने लगे। सोमवार को बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल भवन के पास धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में जिले के 15 समितियों केकिसान उपस्थित हुए। जिनमें से अधिकांश किसान सहकारी समिति के ऋणी है और वारिसान किसान है। जिनका । दाना धान भी नहीं खरीदा गया है। छग के किसान पूर्णत: धान के फसल पर आधारित है। उनकी दैनिक उपयोग से लेकर बीमारी, पढ़ाई, लिखाई, विवाह आदि सभी सामाजिक एवं धार्मिक कार्य धान की फसल से मिलने वाली राशि पर आधारित है। इन परिस्थितियों में इन किसानों का धान नहीं बिक पाना उनके लिए विषम परिस्थिति उत्पन्न करता है, ये सभी किसान हताश, निराश एवं विचलित है। किसानों का कहना है कि मोदी के गारंटी के साथ सभी किसानों का दाना-दाना धान खरीदने का वादा किया है। इन किसानों के साथ वादा खिलाफी हो रही है। कृषक चेतना मंच इन किसानों के साथ हुए अन्याय के लिए 9 फरवरी को भी ज्ञापन सौंपा था। परंतु अभी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते वे लगातार प्रदर्शन करने विवश हैं।

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