बेटी की इच्छामृत्यु रोकने के लिए पिता ने लगाई अर्जी कोर्ट ने कर दिया खारिज

बार्सिलोना, १८ मार्च ।
स्पेन की एक अदालत ने पैरालिसिस से जूझ रही 24 साल की युवती की इच्छामृत्यु पर रोक लगाने की मांग करने वाली पिता की याचिका को खारिज कर दिया। उत्तरपूर्वी कैटेलोनिया क्षेत्र में इच्छामृत्यु बोर्ड ने पिछले साल उसके अनुरोध को स्वीकार किया था।युवती की प्रक्रिया पिछले साल अगस्त में ही पूरी हो जानी थी, लेकिन अंतिम समय में उसके पिता ने कंजरवेटिव कैंपेन ग्रुप की मदद से लीगल ऑबजेक्शन दायर कर दिया। उसके पिता ने दलील दी कि उसकी बेटी मेंटल डिसऑर्डर से पीडि़त है और वह स्वतंत्र या सचेत निर्णय लेने में समर्थ नहीं है।युवती के पिता का यह भी तर्क था कि ऐसे संकेत हैं कि उसकी बेटी ने अब अपना मन बदल दिया है और उसकी बीमारी में असहनीय फिजिकल या साइकोलॉजिकल पीड़ा शामिल नहीं है। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया, जिसे सोमवार को सार्वजनिक किया गया। फैसेल में बार्सिलोना की एक अदालत ने कहा कि महिला इच्छामृत्यु की शर्तों को पूरा करती है, जिसे 2021 में यूरोपीय देश में वैध कर दिया गया था।न्यायाधीश ने लिखा, इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने वाले सभी प्रोफेशनल इस बात पर सहमत हैं कि वह बिना किसी विरोधाभासी परीक्षण के एक गंभीर, पुरानी और अक्षम करने वाली बीमारी से पीडि़त है।अदालत ने ये भी कहा कि युवती यह फैसला लेने के लिए समर्थ थी और उसका पिता इसे चुनौती नहीं दे सकता। अब इस मामले में पिता की तरफ से फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। वहीं कुछ संगठनों ने इस फैसले पर खुशी भी जताई है।बता दें कि 2022 में आत्महत्या के प्रयास में एक इमारत की पांचवीं मंजिल से कूदने के बाद पैराप्लेजिक हो गई महिला ने पिछले साल अप्रैल में एक अदालत से उसे इच्छामृत्यु के अपने अधिकार का प्रयोग करने की अनुमति मांगी थी। 2021 में इच्छामृत्यु कानून पारित होने के बाद से उसका मामला स्पेन में न्यायाधीश के पास फैसला करने के लिए पहुंचने वाला पहला मामला था।

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