
जांजगीर। जिला अस्पताल के सामने बैठने के लिए बनाई गई कुर्सियां बुरी तरह टूट चुकी हैं। अस्पताल में रोजाना इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीज, उनके परिजन, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लंबे समय तक इंतजार करते हैं। ऐसे में बैठने की सुविधा बेहद जरूरी है, लेकिन कई कुर्सियां टूटी हुई हैं।कुछ के पाये उखड़ गए हैं तो कुछ की सीटें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। इन टूटी कुर्सियों के कारण लोगों को खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है या जमीन पर बैठना मजबूरी बन जाती है। – उमेश यादव जांजगीर7 शनिवार को कलेक्टोरेट चौक से चांपा की ओर जाने वाली मुख्य सडक़ों पर सफेद पट्टी लगाने का काम चल रहा था। इस दौरान मशीन से सडक़ की धूल और कंकड़ साफ किए जा रहे थे। वहां से गुजरने वाले लोगों को धूल के बीच से होकर निकलना पड़ा। धूल इतनी थी कि सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रही। राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धूल के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी जैसी समस्याएं हो रही हैं।


























