
नईदिल्ली, 0७ दिसम्बर ।
घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो की शनिवार को लगातार पांचवें दिन 800 से अधिक उड़ानें रद होने से यात्री हलकान रहे। कंपनी ने एक दिन पहले 1600 उड़ानें रद की थीं। देश के विमानन इतिहास में किसी भी भारतीय एयरलाइन द्वारा एक दिन में उड़ानें रद करने का यह एक रिकॉर्ड है। इंडिगो सामान्य रूप से प्रतिदिन 2300 उड़ानें संचालित करती है। एयरलाइन ने कहा कि उसने शनिवार को 1500 उड़ानें संचालित कीं। इसने यह भी कहा कि 95 प्रतिशत से अधिक नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल हो चुकी है, क्योंकि मौजूदा 138 गंतव्यों में से 135 पर परिचालन फिर से शुरू हो गया है। घरेलू विमानन सेवा में इंडिगो की 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए उड़ानें थमने से हजारों यात्री देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से शनिवार को 106 उड़ानें रद हुईं।
कलकत्ता हवाई अड्डे पर 41 उड़ानें रद की गईं।नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि देशभर के हवाई अड्डों पर यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। चेक-इन और चेक-आउट सुचारु रूप से हो रहा है। मनमाने तौर-तरीके और गैरपेशेवर व्यवहार का आरोप झेल रही इंडिगो ने एक्स और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि उड़ानें रद या देरी होने का मुख्य कारण अचानक बड़ी संख्या में स्टाफ की अनुपस्थिति, क्रु की उपलब्धता में कमी, आपरेशनल मैनेजमेंट और सिस्टम ङ्क्षसक्रोनाइजेशन में गड़बड़ी है। एक क्रु मेंबर के सीक्वेंसिंग में फंसने से कई उड़ानें एक के बाद एक रद करनी पड़ीं।एयरलाइन ने कहा, इंडिगो पूरे नेटवर्क में अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है। हमारी टीमें शेड्यूल को स्थिर करने और देरी को कम करने पर लगी हुई हैं। शुक्रवार की तुलना में आज कम उड़ानें रद हुईं। हम अगले कुछ दिनों में इस संख्या को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारतीय विमानन परिषद के अध्यक्ष नितिन जाधव ने इंडिगो की उड़ानें रद होने की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, इसके लिए इंडिगो प्रबंधन ही जिम्मेदार है, पायलट नहीं.. डीजीसीए (नागरिक विमानन महानिदेशालय) उसका समर्थन कर रहा है। मैं डीजीसीए और इंडिगो की सीबीआई जांच की मांग करता हूं। इसके पीछे एक छिपा हुआ एजेंडा है। पायलटों के संगठन एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन इंडिया ने डीजीसीए द्वारा इंडिगो को दी गई राहत पर कड़ी आपत्ति जताई है। इसने कहा कि इन छूटों ने न केवल नियामक समानता को नष्ट किया है, बल्कि लाखों यात्रियों को जोखिम में भी डाल दिया है। इंडिगो के लगातार बिगड़ते हालात के बीच सरकार ने अब सख्त कदम उठा लिया है। डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस भेजकर 24 घंटे में जवाब देने को कहा है। एयरलाइन के भारी पैमाने पर हो रहे कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।






















