
अगर आपको अक्सर ऐसा महसूस होता है कि पैरों में जलन हो रही है, जैसे किसी ने गर्म पानी डाल दिया हो, तो यह सिर्फ थकान नहीं बल्कि शरीर में छिपी हुई कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। कई बार लोग इसे मामूली समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 6 स्वास्थ्य समस्याएं, जिनका इशारा पैरों में जलन से मिलता है।
अगर आपको शुगर (डायबिटीज) है और पैरों में जलन महसूस होती है, तो यह डायबिटिक न्यूरोपैथी हो सकती है। इसमें शरीर की नसें धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। समय रहते इलाज न किया गया तो यह नसों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
विटामिन क्च12 की कमी
शरीर में विटामिन क्च12 की कमी होने पर भी पैरों में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन हो सकता है। यह विटामिन नसों के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है।
किडनी की खराबी
किडनी फेलियर या गंभीर किडनी की बीमारी के कारण शरीर से विषैले तत्व पूरी तरह नहीं निकल पाते। ये टॉक्सिन्स नसों को प्रभावित करते हैं, जिससे पैरों में जलन, सुन्नपन या झनझनाहट हो सकती है।
थायराइड की समस्या
हाइपोथायरॉइडिज्म, यानी थायराइड का धीमा काम करना, पैरों में जलन का एक बड़ा कारण हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और नसों पर असर पड़ता है। नतीजतन पैरों में चुभन या गर्मी जैसी जलन होती है।
परिधीय संचार विकार
इसमें पैरों तक रक्त संचार ठीक से नहीं पहुंच पाता, जिससे नसों को ऑक्सीजन कम मिलती है। इसके कारण पैरों में जलन, दर्द, ऐंठन और भारीपन महसूस हो सकता है। यह दिल से जुड़ी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
शराब का ज्यादा सेवन
अत्यधिक शराब पीना नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे अल्कोहलिक न्यूरोपैथी नाम की स्थिति बन जाती है। जिसमें पैरों में जलन, सुन्नपन और कमजोरी महसूस होती है। यह धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है।
क्या करें अगर पैरों में जलन हो?
डॉक्टर से समय रहते जांच कराएं
विटामिन क्च12 की जांच करवाएं
डायबिटीज और थायराइड कंट्रोल में रखेंपैरों की देखभाल करें, रोजाना धोकर मॉइश्चराइज़ करेंसही जूते पहनें और चलने में ध्यान रखें -पैरों में जलन को हल्के में न लें। यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की चेतावनी हो सकती है। इसलिए समय रहते उचित जांच और इलाज जरूर करवाएं।













