
इसी काम को पूरा करने में लगेंगे 6 महीने
कोरबा। संजय नगर रेल फाटक पर अंडरपास प्रस्तावित है। इसके लिए प्रशासन की ओर से जमीन चिन्हित करने के बाद इसकी जद में आने वाले भू-खंड को खाली करा लिया गया है। कार्य जल्द शुरू हो सके, इसके लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन ऐसा लगता है कि अंडरपास का निर्माण कार्य वर्ष 2026 में ही शुरू हो सकेगा। वजह यह बताई जा रही है निर्माण से पहले 600 मीटर से ज्यादा के दायरे में पानी की पाइपलाइन को शिफ्ट करना जरूरी है। अकेले इसी काम को पूरा करने के लिए 6 महीने चाहिए।
कोरबा में कोयला परिवहन के लिए मालगाडिय़ों की निरंतरता जन समस्या को देखते हुए रेल अंडरपास की जरूरत समझी गई । रेलवे और जिला प्रशासन मिलकर इस काम को पूरा करेगा। अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इस पाइप लाइन को शिफ्ट होना आवश्यक है। इससे संबंधित प्रस्ताव नगर निगम की ओर से मेयर इन काउंसिल की बैठक में रखा गया था। काउंसिल ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसकी स्वीकृति दे दी है और अब इसे निविदा के लिए भेजा जा रहा है। बताया जाता है कि जिस स्थान पर अंडरपास प्रस्तावित है। वहां से होकर नगर निगम की पानी पाइप लाइन गुजर रही है। यह लाइन संजय नगर पानी टंकी से होकर रेलवे स्टेशन की ओर जाती है। इस लाइन से दो छोटी-छोटी पाइप लाइन भी निकलती है, जो मुरारका गली की ओर जाती है। नगर निगम की योजना इस पाइप लाइन को शिट करने की है। निगम की ओर से बताया गया है कि अंडरपास के लिए काम शुरू होने से पहले प्रस्तावित स्थल से 600 से 650 मीटर तक पाइप लाइन को स्थानांतरित करने की जरूरत होगी। निविदा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाइप लाइन को शिफ्ट करने के लिए छह माह का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में यह कार्य पूरा हो, इसके लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से संजय नगर रेल फाटक पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य पर लगभग 30 करोड़ 97 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। अंडरपास बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पिछले साल 11 मार्च को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। तभी से अंडरपास बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इस कार्य के लिए जरूरी भू-खंड को नगर निगम की ओर से खाली करा लिया गया है। जिन लोगों के मकान अंडरपास की जद में आए हैं, उन्हें मुआवजा वितरण का कार्य भी जिला प्रशासन की ओर से पूरा कर लिया गया है। लगभग तीन करोड़ रुपए मुआवजा के तौर पर बांटे गए हैं।

























