
कोरबा। जिले के कोरबा वनमंडल अंतर्गत करतला रेंज के बड़मार व चिकनीपाली जंगल में अलग-अलग घूम रहे दो दंतैल हाथी बीती रात ओझल हो गए। दंतैल हाथियों का कोई अतापता नहीं चल पाया है। फलस्वरूप ग्रामीणों को खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए वन विभाग का अमला सतर्क हो गया है और वह हाथियों का लोकेशन ढूंढऩे में लग गया है। इसके लिए ड्रोन कैमरे व मैदानी अमले को लगाया गया है जो लगातार जंगलों मेें दंतैल हाथियों का लोकेशन जानने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इसकी जानकारी लगते ही संबंधित क्षेत्र के लोगों को सचेत किया जा सके लेकिन अब तक अमले को दंतैल हाथियों का लोकेशन नहीं मिल सका है।
ज्ञात रहे करतला रेंज में दो दंतैल हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है जिसमें से एक दंतैल ब्लॉक मुख्यालय करतला से सटे बड़मार गांव के जंगल में तथा दूसरा चिकनीपाली क्षेत्र में स्थित पहाड़ पर है। इन दोनों हाथियों का लोकेशन कल दिन भर लोकेशन मिलता रहा लेकिन बीती रात से दंतैल हाथी का अतापता नहीं चला है जिसकी वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि दंतैल हाथी क्षेत्र में मौजूद है अथवा आगे बढक़र कहीं और चले गए हैं। दंतैल हाथियों के संबंध में जानकारी नहीं मिलने के कारण निगरानी तथा ग्रामीणों को सचेत करने में परेशानी हो रही है। यहां यह बताना जरूरी है कि चिकनीपाली क्षेत्र में मौजूद दंतैल हाथी काफी आक्रामक है तथा उसका स्वभाव भी गुस्सैला है। इस दंतैल ने कोरबा व कटघोरा क्षेत्र में हमला कर लगातार तीन दिनों में तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद कोरबा रेंज होते हुए करतला पहुंचा है और लगभग एक सप्ताह तक सेंद्रीपाली क्षेत्र में उत्पात मचाने तथा ग्रामीणों के बाड़ी को उजाडऩे के बाद चिकनीपाली क्षेत्र में पहुंचने के साथ पहाड़ पर डेरा डाल दिया है। इस बीच कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में 49 तथा एतमानगर के बारापचरा में दो हाथी लगातार विचरण कर रहे हैं।
हालांकि हाथियों की उपस्थिति आबादी वाले क्षेत्र से दूर पहाड़ तथा जंगल में बनी हुई है। जिसकी वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हो रहा है और वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों को कुछ राहत कायम है।



















