
कोरबा । मुकुटधर साहित्य समिति कोरबा के साहित्यकारों ने देवपहरी के प्राकृतिक वातावरण में पारिवारिक मिलन समारोह और वनभोज का का कार्यक्रम आयोजित किया। बस यात्रा के दौरान नाचते-गाते साहित्यकार देवपहरी पहुंचे। जहां बड़ी संख्या में सैलानियों की चहल-पहल और प्राकृतिक छटा ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।
चाय-नाश्ते के बाद सभी परिवारजन गोविंदझुझा जलप्रपात की ओर गए, जहां झरनों की कल-कल ध्वनि और नदियों-पहाड़ों की सुंदरता ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। सिद्धिदात्री माता के दर्शन और आश्रम के बच्चों से मिलन ने इस यात्रा को और भी भावपूर्ण बना दिया। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए विविध खेलों का आयोजन किया गया, जिनमें विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। अंत में हाउजी खेल ने सभी को एक साथ जोड़ दिया। खेल संचालन का दायित्व डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा, लता चंद्रा, जितेंद्र कुमार वर्मा और जगदीश श्रीवास ने निभाया।
युनूस संरक्षक जनाब दानियालपुरी और कमलेश यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन से परिवारों के बीच जुड़ाव बढ़ता है। समय समय पर ऐसी पहल होती रहनी चाहिए। अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल और सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चंद्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वीणा मिस्त्री, निर्मला ब्राह्मणी, किरण सोनी, कविता जैन, रश्मि श्रीवास, पूरनचंद पटेल, फिरोजा खान, शिवानंद श्रीवास्तव, शनी प्रधान, रशीदा मारकंडेय, भुनेश्वर देवांगन, लखनी साहू, सरस्वती श्रीवास, विनोद कुमार सिंह, मनीष मुसाफिर, गार्गी चटर्जी, भारती चौरसिया, शिवकुमार साहू, एकांश साहू, अभिजीत यादव, डॉ. मंजुला साहू, बलराम राठौर आदि साहित्यकार उपस्थित रहे। सबने अपने अपने अनुभव साझा किए, आभार दिलीप अग्रवाल ने ज्ञापित किया।





















