कोरबा : पूर्व राजस्व मंत्री एवं विधायक जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि जटराज ग्राम के भू-विस्थापितों की बसाहट को लेकर मुख्यालय से दी गई जानकारी भ्रामक है। इस संबंध में उन्होंने एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन को पत्र लिखकर कड़ी नाराज़गी जताई है।

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महाप्रबंधक भू-राजस्व ने पत्र जारी कर दावा किया था कि जटराज विस्थापितों की बसाहट सर्वमंगला मंदिर से आगे डम्प क्रमांक 14 में दी जानी है, जहां समतलीकरण कार्य पूरा हो चुका है और बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रगतिरत है। लेकिन जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि वास्तविकता इसके विपरीत है। अभी तक वहां केवल समतलीकरण का काम हुआ है, जबकि सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी, सड़क, नाली, पानी, गार्डन व खेल मैदान जैसी सुविधाओं का कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।

सर्वमंगला नगर का भी किया जिक्र

अग्रवाल ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि सर्वमंगला नगर (दुरपा) में डेढ़ साल पहले जटराज से विस्थापित 54 परिवारों को बसाया गया था। लेकिन वहां भी आज तक केवल एक टूटी-फूटी सड़क और अधूरी नाली के अलावा कुछ भी नहीं है। पत्र में दावा किया गया है कि यहां सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र आदि सुविधाएं बन चुकी हैं, जबकि जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नहीं दिखता.

मौके पर जांच की मांग

जयसिंह अग्रवाल ने सीएमडी से मांग की है कि किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं स्थल निरीक्षण में शामिल होंगे ताकि हकीकत सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक जानकारी से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है और यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से एसईसीएल प्रबंधन की होगी।