
जांजगीर। अकलतरा से रायगढ़ होते हुए ओडिशा बॉर्डर तक फोरलेन सडक़ बनाने की घोषणा दस माह पहले की गई थी। इसके बाद सर्वे शुरू होगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि कहां अंडरपास और ओवरब्रिज बनाना है तथा किन स्थानों को एक्सीडेंटल जोन माना गया है। इन जगहों पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।
अकलतरा से रायगढ़ तक बनी टू लेन सडक़ को चौड़ा कर फोरलेन बनाया जाएगा। इससे हादसों की आशंका कम होगी, लोगों का समय बचेगा और भारी वाहनों को बेहतर सडक़ मिलेगी। यह सडक़ कुल 131 किमी लंबी होगी। रायगढ़ के हिस्से में करीब 35 किमी क्षेत्र में पहले ही जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। बाकी 96 किमी में यदि निजी जमीन आती है तो उसका अधिग्रहण करना पड़ेगा। दोनों ओर करीब 12-12 मीटर चौड़ी सडक़ बनाई जा सकती है। साल 2016 में बिलासपुर से रेगालपाली तक एनएचआई ने नए सिरे से सडक़ का निर्माण कराया था। बिलासपुर से अकलतरा तक सडक़ फोरलेन है, लेकिन उसके बाद जांजगीर, चांपा, बाराद्वार, सक्ती होते हुए रायगढ़ तक सडक़ टू लेन है।
इंदिरा उद्यान के पास खत्म होती है फोरलेन सडक़, इसके आगे टूलेन ही रहेगी रोड राजधानी रायपुर से नेशनल हाईवे बिलासपुर होते हुए अकलतरा चौक, इंदिरा उद्यान तक फोरलेन है। इसके बाद सडक़ सिमट कर टू लेन हो जाती है। इस एनएच को जांजगीर, चांपा, सक्ती, रायगढ़ होते हुए ओडिशा बॉर्डर तक फोरलेन बनाने की घोषणा केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडक़री ने पिछले साल नवंबर में की थी।
गांवों के पास सर्विस रोड भी बनाई जाएगी बिलासपुर-अकलतरा से लेकर रायगढ़ से ओडिशा बॉर्डर तक फोरलेन सडक़ बनाने की घोषणा हुई है। वर्तमान में सडक़ वारंटी में है, इसलिए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फोरलेन के साथ-साथ गांवों के पास सर्विस रोड और अंडरपास भी बनाए जाएंगे। इससे यातायात का दबाव कम होगा और दुर्घटनाएं घटेंगी। लोगों को बेहतर सडक़ की सुविधा मिलेगी।
सडक़ पर दबाव कम होने से घटेंगे हादसे इंदिरा उद्यान से जांजगीर होते हुए सक्ती तक टू लेन सडक़ पर छोटे और भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सडक़ की चौड़ाई कम है और कई गांव सीधे इसी सडक़ से जुड़े हैं। इसी कारण हादसों की संख्या बढ़ गई है। अमरतला के पास ब्लैक स्पॉट बना हुआ है। तिलई, बनारी, पुटपुरा और खोखरा के पास भी हादसे होते रहे हैं। यदि यह सडक़ फोरलेन बन जाए तो हादसों में कमी आ सकती है।