कोरबा । कोरबा-पश्चिम गेवरा क्षेत्र में पदस्थ एक एसईसीएल कर्मी ने पत्नी के इलाज के लिए बिलासपुर के एक चिकित्सालय में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने गूगल पर नंबर सर्च किया। थोड़ी देर बाद कॉल आया और डिटेल भरने के बहाने लिंक भेजकर खाता से 90 हजार रुपए पार कर दिया गया।
उक्त घटना प्रगति नगर कॉलोनी निवासी गेवरा क्षेत्र में पदस्थ एक एसईसीएल कर्मी के साथ घटित हुई। जो अपनी पत्नी का इलाज कराने बिलासपुर के एक चिकित्सालय में जाने वाले थे। जिसके लिए उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर अस्पताल में लगने वाली लंबी कतार से राहत पाने के लिए गूगल पर वहां के चिकित्सक का नंबर सर्च किया। थोड़ी देर में उनके मोबाइल पर कॉल आ गया। दूसरी ओर से युवती ने खुद को उस अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट बताते हुए बात की। उसने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए नाम-पता सहित अन्य जानकारी भरने की बात कहते हुए एक लिंक भेज दिया। एसईसीएल कर्मी ने चिकित्सालय से कॉल आने की सोचकर उसमें बताया गया पूरा ब्यौरा व सबमिट करने पर आया ओटीपी नंबर भी भर दिया। 2 दिन बाद उसके बैंक खाता से 90 हजार रुपए पार हो गया। ऑनलाइन ठगी होने का पता चलने पर उक्त व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस व साइबर सेल से संपर्क करके शिकायत दर्ज की। पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो उक्त रकम का ट्रांसफर कोलकाता स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते में करने का पता चला। जानकारी जुटाने पर उक्त खाता कोलकाता निवासी किसी जुबेर शेख के नाम से होना पाया गया। खाता धारक के पते पर पुलिस टीम पहुंची तो वहां उक्त नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। मामले में पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
ऑनलाइन ठगी से बचने रहें जागरूक
दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू के मुताबिक नए-नए तरीके से ऑनलाइन ठगी की घटना हो रही है। पुलिस साइबर व ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए जन जागरण अभियान चला रही है। ऐसे ठगी की घटना से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है। सोशल मीडिया से जरूरी नंबर तलाशते समय ऑफिशियल वेबसाइट का इस्तेमाल करें। अनजान लिंक पर कभी भी अपनी निजी जानकारी व बैंक डिटेल दर्ज न करें। संदिग्ध कॉल-मैसेज आने या अकाउंट से रकम पार होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।